श्रमिकों की मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ का झांसी कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन
प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
झांसी । भारतीय मजदूर संघ की 161वीं केंद्रीय कार्य समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में आज देशभर के जिला मुख्यालयों पर श्रमिकों की ज्वलंत समस्याओं एवं मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में भारतीय मजदूर संघ जिला झांसी द्वारा झांसी कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री, माननीय वित्त मंत्री, माननीय केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय मजदूर संघ झांसी के विभाग प्रमुख चंद्रकांत चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि “देश के निर्माण में श्रमिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन आज श्रमिक महंगाई, असुरक्षित रोजगार, न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और पेंशन जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। सरकार को श्रमिक संगठनों के साथ सार्थक संवाद कर इन समस्याओं का न्यायपूर्ण समाधान करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि संविदा, आउटसोर्सिंग एवं ठेका प्रथा के बढ़ते विस्तार से श्रमिकों का शोषण बढ़ रहा है। समान कार्य के लिए समान वेतन तथा श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से ईपीएस-95 के पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रतिमाह करने तथा उसे महंगाई भत्ते से जोड़ने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, न्यूनतम वेतन को वास्तविक जीवन-यापन योग्य बनाने तथा महंगाई भत्ता एवं अन्य भत्तों में आवश्यक वृद्धि करने की मांग की गई।इसके साथ ही संविदा, आउटसोर्सिंग एवं ठेका प्रथा समाप्त करने, समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने, श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन की गारंटी देने तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, प्लेटफॉर्म वर्कर्स सहित विभिन्न स्कीम वर्कर्स के मानदेय एवं न्यूनतम वेतन में पर्याप्त वृद्धि कर उन्हें सम्मानजनक सामाजिक सुरक्षा एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
भारतीय मजदूर संघ ने भारी मशीनरी उद्योगों तथा बंद पड़ी सूती मिलों के पुनर्गठन एवं पुनर्संचालन, 23 नेशनल टेक्सटाइल मिलों के श्रमिकों एवं कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
रेल, बैंक, बीमा आदि सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने, बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने तथा जीवन बीमा क्षेत्र के डेवलपमेंट ऑफिसरों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि किसी भी व्यवस्था या नीतिगत परिवर्तन के नाम पर कर्मचारियों के वेतन में अनुचित कटौती न की जाए।
भारतीय मजदूर संघ ने बेरोजगारी पर प्रभावी रोक लगाने, युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा श्रम कानूनों में श्रमिक विरोधी प्रावधानों को हटाने की मांग की। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार से सभी श्रमिक संगठनों के साथ नियमित एवं सार्थक संवाद स्थापित कर समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालने का आग्रह किया गया।
प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश पुरोहित, परिवहन मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री रमाकांत सचान, पूर्व विभाग प्रमुख अवधेश सक्सेना, उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ के जोनल संगठन मंत्री अनिल कुमार शुक्ला, मंडल संगठन मंत्री राजेश ठकुरानी, मंडल मंत्री हरिमोहन शर्मा, सुनील मिश्रा, हरचरण सविता, विजय नारायण शर्मा, बीएचईएल श्रमिक संघ के अध्यक्ष ओ. पी. शुक्ला, अमित कुशवाहा, मुकेश मिश्रा, सड़क परिवहन महासंघ की क्षेत्रीय अध्यक्ष, क्षेत्रीय मंत्री कुमारी ज्योति मिश्रा, पी.पी. मिश्रा, के.पी. पांडे तथा वरिष्ठ नागरिक परिषद के प्रदेश महामंत्री संत प्रकाश वर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदर्शन के दौरान श्रमिक हितों के समर्थन में जोरदार नारे लगाए गए और सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की गई। भारतीय मजदूर संघ ने स्पष्ट किया कि श्रमिक हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

