“न्यायालय आपके द्वार” मुहिम से गरीबों को इंसाफ दिला रहे डीएम
** जिलाधिकारी ने की स्टाम्प, आर्म्स एक्ट और गुण्डा एक्ट के मुकदमों की सुनवाई
** गुण्डा एक्ट में एक वादी को किया गया 01 लाख के मुचलके पर पाबंद, दूसरे वादी को किया जिला बदर
** सालों से कोर्ट के चक्कर काटने वालों को घर बैठे एक ही दिन में मिल रहा न्याय
** डीएम की पहल लोगों को काफी राहत पहुंचा रही है, प्रतिभाग कर रहे अधिवक्ताओं ने भी की प्रशंसा
न्याय के लिए दौड़ते-भागते काफी समय बीत गया लेकिन कहीं से भी उम्मीद की किरण नजर नहीं आ रही थी। “न्यायालय आपके द्वार” डीएम की पहल लोगों को काफी राहत पहुंचा रही है।
जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी की ओर से जनता को न्याय दिलाने के मकसद से जनपद में भी “न्यायालय आपके द्वार” मुहिम की शुरुआत की गई है। अब इसकी गूंज जनपद के ग्रामीण क्षेत्र तक भी पहुंची।
जनपद में डीएम की अनोखी पहल “न्यायालय आपके द्वार” उन गरीबों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो सालों से अपने हक के लिए अदालतों के चक्कर काट रहे हैं, इस पहल के तहत जिलाधिकारी खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई करते हैं। अधिकारियों को मौके पर भेजकर तुरंत न्याय दिलाते हैं, अब तक काफी मुकदमों की सुनवाई करके उनका निस्तारण किया जा चुका है।
इस मुहिम का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को हो रहा है जो दूर-दराज के इलाकों से न्याय के लिए मुख्यालय आते थे, कई बार उन्हें किराए के पैसे जुटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, अगर जिलाधिकारी उपलब्ध नहीं होते थे तो उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता था। अब उन्हें मुख्यालय तक आने की भी जरूरत नहीं पड़ रही है।
जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी की इस मुहिम की सराहना अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रम में शामिल होने आए मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने की बल्कि पूरे प्रदेश में हो रही है।
“न्यायालय आपके द्वार” से ऐसे मिलता है न्याय :पीड़ित अपने केस का पंजीकरण तहसील या न्यायालय में कराना होता है वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष अपनी बात रखते हैं। डीएम जमीन से संबंधित मामलों में लेखपाल आदि को मौके पर भेजते हैं. डीएम साक्ष्यों और गवाही के आधार पर फैसला सुनाते हैं। इस पहल से वादकारियों को बार-बार मुख्यालय न आना पड़े, इसी को लेकर यह रणनीति तैयारी की गई। साल 2023 में उच्चतम न्यायालय ने यह आदेश दिया था कि जिला स्तर पर वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुकदमों को सुना जाए, इसी दिशा में यह कार्य प्रारंभ किया गया है।
आज जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी द्वारा ‘‘न्यायालय आपके द्वार’’ के माध्यम से मुकदमों के जल्द निस्तारण किये जाने के दृष्टिगत वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व/स्टाम्प कमी के वाद एवं फौजदारी जैसे 3 यू0पी0 गुण्डा अधिनियम एवं 17 आर्म्स एक्ट के वादों में सुनवाई की गयी।
सुनवाई के दौरान उ0प्र0 गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1970 की धारा 3(1) के तहत थाना बरुआसागर की पत्रावली में सरकार बनाम आकाश एवं सरकार बनाम सुरेन्द्र यादव, थाना सीपरी बाजार की पत्रावली अजय गुजर्र उर्फ राघवेन्द्र एवं थाना रक्सा की पत्रावली नन्दू उर्फ प्रीतम सिंह में सुनवाई की गयी। विपक्षी सुरेन्द्र यादव को 01 लाख के मुचलके से पाबंद किया गया तथा 06 माह तक पन्द्रह दिवस में प्रत्येक शनिवार को थाना में हाजिर होने का आदेश पारित किया गया। इसी क्रम में सरकार बनाम आकाश, सरकार बनाम अजय गुजर्र उर्फ राघवेन्द्र एवं सरकार बनाम नन्दू उफर् प्रीतम सिंह को जिला बदर किया गया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान थाना गरौठा अंतगर्त सरकार बनाम महेश प्रसाद धारा 17 आर्म्स एक्ट की भी थाने से सुनवाई की गयी। मौजा टांकोरी एवं मौजा लहरगिर्द के दो स्टाम्प वादों की जांच क्षेत्रीय लेखपाल के साथ उप निबंधक झांसी सदर प्रथम एवं सदर द्वितीय द्वारा मौके पर जाकर की गयी। उप निबंधकों को स्पाॅट मीमो एवं आख्या प्रेषित करने के निदेर्श दिये गये। उक्त के अतिरिक्त उ0प्र0 राजस्व संहिता 2006 की धारा 67(5) के तहत तीन वादों की सुनवाई की गयी। मौके क्षेत्रीय नायब तहसीलदार के साथ राजस्व निरीक्षक व लेखपाल उपस्थित रहे। गांव सभा की भूमि पर कब्जा पाये जाने पर सम्बन्धित को पुनः नाप कर आख्या प्रेषित करने के निर्देश दिये गये।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई के समय मौके पर राजस्व टीम के साथ अपीलाथीॅ, उप निबंधक झांसी सदर प्रथम, एवं द्वितीय, क्षेत्रीय लेखपाल, प्रभारी निरीक्षक, सीपरी बाजार, कोतवाली, रक्सा, गरौठा, तहसीलदार सदर, तहसीलदार मऊरानीपुर, उपस्थित रहे।
कोर्ट रूम श्री शिव प्रताप शुक्ला अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), श्री अजय कुमार मिश्रा संयुक्त निदेशक अभियोजन, श्री आकाश रंजन ई0 डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, श्री सुनील प्रजापति पेशकार, वरिष्ठ सहायक शिवाकांत सहित अधिवक्तागण मौजूद रहे।
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जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रशासन

