जिलाधिकारी ने स्वयं बालिकाओं को दवा खिलाकर किया कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ
** जनपद में कोई भी बच्चा एल्बेंडाजोल की दवा खाने से छूटने ना पाए, इसे कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए
** आईसीएसई और आईएसस/सीबीएससी एवं यूपी बोर्ड से संबंधित निजी स्कूल दवा खिलाने से आनाकानी करते हैं तो होगी कार्यवाही
** छूटे हुए बच्चों को 14 अगस्त 2026 को माॅपअप राउंड आयोजित करते हुए आच्छादित किया जाएगा
** जनपद में 10 लाख से अधिक बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी, आज हुआ जनपद में शुभारंभ
** घुमंतु परिवार के बच्चों पर भी किया जाए फोकस, कोई भी बच्चा दवा खाने से वंचित ना रहे
** मोबाइल टीम के माध्यम से क्रेशर एवं कंस्ट्रक्शन साइट पर रह रहे बच्चों को भी दवा खिलाए जाने के निर्देश
** समस्त सीएससी/पीएचसी एवं उपकेंद्र तथा डिस्पेंसरी में स्टाफ की मौजूदगी हो सुनिश्चित
जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ बालिकाओं को स्वयं अपने हाथों से दवा खिलाते हुए न्यू ईरा पब्लिक स्कूल में संपन्न हुआ।
जिलाधिकारी ने बताया कि आज 10 अगस्त 2026 से 01 वर्ष से लेकर 19 वर्ष से कम उम्र के किशोरों और किशोरियों एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाए जाने के अभियान का शुभारंभ किया गया है। जनपद में लगभग 10 लाख से अधिक बच्चों को दवा खिलाई जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि दवा स्कूल में ही खिलायी जाए, उनके अभिभावकों को किसी भी दशा में दवाई ना दी जाए।
जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित बालिकाओं से संवाद स्थापित किया और कृमि रोग से बचाव हेतु दवा स्वयं खाने तथा अन्य लोगों को भी दवा खाने के लिए प्रेरित करने के सुझाव दिया। उन्होंने कहा इस दवा के खाने से पेट में होने वाले कीड़े खत्म हो जाते हैं। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। इस मौके पर उन्होंने जनपद में “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम की भी जानकारी दी और सभी बालक/ बालिकाओं से अपने-अपने घरों में तिरंगा लगाए जाने तथा अन्य लोगों को भी तिरंगा अपने घरों में फहराया जाने हेतु प्रेरित करने की अपील की।
जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने कहा कि अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए कि दवा खाने से बच्चों के पेट में जो कीड़े हैं वह मर जाते हैं और बच्चा जो खाना खाता है जिससे उसका शरीर स्वस्थ रहता है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में घुमंतु परिवार के बच्चों सहित क्रेशर तथा कंस्ट्रक्शन साइट पर रह रहे परिवार के बच्चों पर भी फोकस करते हुए, उन्हें दवा खिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि अभियान में इस वर्ष शत-प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बनाए गए माइक्रो प्लान के अनुसार ही कार्य करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में कम बच्चों को दवा खिलाई गई उस क्षेत्र अधिक फोकस करते हुए एमओआईसी स्वयं बच्चों को दवा पिलाई जाना सुनिश्चित करें।
कृमि मुक्ति कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के समस्त स्कूलों में कार्यक्रम का आयोजन किया जाए तथा सभी लक्षित बच्चों को दवा खिलाया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि स्कूल, निजी स्कूल/कॉलेज एवं मदरसा में दवा खिलाए जाने का सत्यापन किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो दवा खिलाने में लापरवाही अथवा आनाकानी करते हैं उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए उन्हें दवा खिलाया जाना अनिवार्य है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ करते हुए उन्होंने बताया कि 01 से 02 वर्ष के बच्चों को आधा गोली खिलाया जाना है, इसके साथ ही 02 से 03 वर्ष के बच्चों को पूरी गोली पीसकर खिलाई जानी है। इसके अतिरिक्त वर्ष 03 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को पूरी गोली चबा-चबा कर खानी होगी तथा इसके उपरांत अधिक से अधिक पानी पीना अनिवार्य है।
अभियान के शुभारंभ से पूर्व प्रधानाचार्य अरविंदम घोष, मैनेजर श्री शुभेंदु घोष ने जिलाधिकारी सहित अन्य अतिथियों का पुष्प कुछ भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रिया अमरया एंव आन्या श्रीवास्तव ने किया। बच्चों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया जिसे श्रीमती कुन्ती एवं भारती ने संगीतबद्ध किया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 शिशिर पुरी , नोडल अधिकारी डॉ0 रमाकांत सोनी, डीआइओएस श्रीमती रती वर्मा, डिप्टी सीएमओ डाॅ आशीष अग्निहोत्री, डॉ0 उत्सव राज, डॉ0 विजय श्री शुक्ला, श्रीमती अनुराधा राजपूत, श्री रत्नेश त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में बालिकाएं और स्टाफ मेंबर उपस्थित रहे।
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जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित

