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जनपद की शिक्षिका को मुख्यमंत्री जी ने मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से किया सम्मानित*

ByBKT News24

Sep 5, 2026

जनपद की शिक्षिका को मुख्यमंत्री जी ने मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से किया सम्मानित*

*उत्कृष्टता और नवाचार को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ाएं शिक्षक : सीएम योगी*

*शिक्षक दिवस पर राज्य अध्यापक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने शिक्षकों को दी शुभकामनाएं*

*बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कुल 81 शिक्षक हुए पुरस्कृत, सभी को सीएम के हाथों मिला पुरस्कार*

*जनपद में भी भव्यता के साथ मनाया गया शिक्षक दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ बच्चों ने दिखाया हुनर*

*कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों द्वारा बेसिक शिक्षा के 85 एवं माध्यमिक के 45 शिक्षकों को किया सम्मानित*

आज मा0 मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार श्री योगी आदित्यनाथ जीके कर कमलों द्वारा पुरस्कृत शिक्षकों का सम्मान समारोह कार्यक्रम गोरखपुर में आयोजित किया गया। उक्त कार्यक्रम का सजीव प्रसारण एवं जनपद स्तर पर शिक्षक समारोह कार्यक्रम का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में हुआ।
मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेशभर के शिक्षकों का आह्वान किया कि वे शिक्षा व्यवस्था में उत्कृष्टता और नवाचार को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ाएं। यही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा प्रदेश और देश का भविष्य बनाएगी। उक्त उद्गार शिक्षक दिवस पर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार वितरित करने के बाद उपस्थित शिक्षकों व अन्य जन के समक्ष व्यक्त किए।
योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षकों (कुल 81) को पुरस्कृत किया गया। सभी शिक्षकों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से पुरस्कृत किया। शिक्षकों को पुरस्कार देते समय सीएम योगी ने उनसे आत्मीय संवाद कर बधाई दी और उन्हें खूब प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने राजनीति करने वालों पर प्रहार करते हुए कहा कि चुनावी घोषणा अलग विषय है। पर स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी बनाना कठिन कार्य होता है और यह प्रदेश के अंदर आज दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बयान देना आसान है, लेकिन एक करोड़ 60 लाख बच्चों के अकाउंट में डीबीटी के माध्यम से पैसा पहुंचा देना कठिन कार्य है और वह कार्य हुआ है। संस्कृत के छठी क्लास से लेकर के आचार्य तक बच्चों को स्कॉलरशिप के साथ जोड़ देना कठिन कार्य था लेकिन सरकार ने वह भी किया।
अपने उद्बोधन में मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रोजेक्ट अलंकार जैसे इनोवेशन के माध्यम से, ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से, बेसिक हो या माध्यमिक इन विद्यालयों में परिवर्तन का निर्णय करना कठिन था और इसे भी किया गया। उन्होंने कहा कि टिप्पणी करना आसान काम है लेकिन करके दिखाना मुश्किल। सीएम योगी ने यूपी को बदनाम करने के लिए दुष्प्रचार की तरफ भी ध्यान आकृष्ट कराया। कहा कि दूसरे राज्य के एक जर्जर विद्यालय भवन का वीडियो झांसी का बताकर चलाया जा रहा था। यूपी के शिक्षा जगत को अपमानित करने का प्रयास करने वालों को स्मार्ट क्लास, ऑपरेशन कायाकल्प जैसे व्यापक परिवर्तन दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि जिस बच्चे को आज आप पढ़ा रहे हैं, अगर आज आप चूक गए तो उसका बचपन दोबारा नहीं आने वाला है। इसलिए समय के साथ सही दिशा में, सही समय पर निर्णय लेने की आदत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रति विश्वास को बनाए रखना सरकार और शिक्षकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बदलती टेक्नोलॉजी पर हम मौन नहीं बने रह सकते। हमें एआई, रोबोटिक और ड्रोन टेक्नोलॉजी के अनुरूप खुद को तैयार करने की जरूरत है।
मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार अपनी एजुकेशन को एक्सक्लूसिव बनाने, उसे और अधिक रिसोर्सफुल (संसाधनपूर्ण) बनाने तथा शिक्षा की इस व्यवस्था को पूरी तरह ट्रांसपेरेंट (पारदर्शी) बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आपने पिछले नौ-साढ़े नौ वर्ष के अंदर बदलते हुए उत्तर प्रदेश को अपनी आंखों से देखा है। आप में से कोई भी शिक्षक ऐसा नहीं, जिसने नौ वर्ष पहले के उत्तर प्रदेश और पिछले नौ-साढ़े नौ वर्ष के अंदर बदलते हुए उत्तर प्रदेश को अपनी आंखों से न देखा हो।
सम्मानित शिक्षकों के मध्य सीएम योगी ने कहा कि भारत की अपनी विशिष्ट ज्ञान की परंपरा रही है। इस ज्ञान परंपरा ने शिक्षा को कभी व्यापार नहीं माना। प्राचीनकाल में गुरुकुल की शिक्षा पूरी होने पर शिष्य अपनी सामर्थ्य के अनुसार जो भी गुरु दक्षिणा देता था, गुरु उसके अनुसार संतुष्ट होकर के उसको आगे बढ़ने के लिए आशीर्वाद देता था। सीएम ने कहा कि गुरु के लिए सबसे बड़ी दक्षिणा होती थी कि उसका शिष्य योग्य हो, संस्कारी बने। इसी परंपरा ने भारत को दुनिया में ज्ञान की आराधना की भूमि के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए टीचर, टैलेंट और ट्रांसफॉर्मेशन जोड़ा गया। इस ट्रिपल टी में शिक्षक का सम्मान है, विद्यार्थी की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा है विद्यालयों संसाधनों की उपलब्धता पर ध्यान है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का सम्मान हमारे लिए केवल मानदेय बढ़ाने का मुद्दा नहीं था। बल्कि हमारा मानना है कि गांव के बच्चे के भविष्य के साथ जिसे खड़ा रहना है, पहले उसका स्वयं का सम्मान होना चाहिए। कहा कि राज्य अध्यापक पुरस्कार की राशि जो पहले 10000 थी, इसको बढ़ाकर 25000 रुपये किया गया। अब शिक्षक की समस्या फाइलों में कैद नहीं होगी। उसका समयबद्ध समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह विद्यार्थियों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अनेक कार्य किए गए।
इस अवसर पर मा0 मुख्यमंत्री जी ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में आए बदलाव की विस्तार से चर्चा की। बताया कि अकेले माध्यमिक शिक्षा में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पुराने और जर्जर विद्यालय भवनों की जगह नए भवन बनाने के लिए उपलब्ध करवाए गए। इससे 2100 से अधिक माध्यमिक विद्यालयों के अच्छे भवन आज सामने दिखाई दे रहे हैं। इसी तरह पहले चरण में हर जनपद में दो-दो सीएम कंपोजिट विद्यालय बनवाए जा रहे हैं। प्रयास है कि यह स्कीम हर तहसील स्तर पर जाए। इसका मॉडल अटल आवासीय विद्यालय की तर्ज पर ये डे स्कूल के रूप में होगा जहां पहली से लेकर 12वीं तक के बच्चे एक इंटीग्रेटेड कैंपस में पढ़ पाएंगे। यह शिक्षा की गुणवत्ता का एक अद्भुत मॉडल होगा। उन्होंने कहा कि यूपी के स्कूलों में आज स्मार्ट क्लास है, डिजिटल लाइब्रेरी है, बालक-बालिकाओं के लिए सेपरेट टॉयलेट हैं, पेयजल की व्यवस्था है, भरपूर बिजली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 32000 से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 15000 से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब, 1129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी और 261000 से अधिक शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध करवाए गए हैं।सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश का मॉडल आज पूरा देश देख रहा है। उत्तर प्रदेश का परिवर्तन पूरा देश महसूस कर रहा है। इसीलिए, हम लोगों ने तय किया है, शिक्षा का यह मॉडल मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने बाल वाटिका के स्तर से ही शिक्षा को मजबूत बनाने के प्रयास का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस देश का बचपन स्वस्थ है, उस देश का भविष्य अपने आप सशक्त और समर्थ बनता है।
मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ0 राधाकृष्णन को यादकर प्रदेशवासियों को शिक्षक दिवस की बधाई दी। भारत रत्न से सम्मानित डॉ0 राधाकृष्णन को उच्चकोटि का विद्वान और महान दार्शनिक बताते हुए कहा कि उनके सम्मान में उनकी जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जाती है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक/गुरु की भूमिका के उल्लेख में वेदव्यास, चाणक्य, सुश्रुत, चरक, आर्यभट्ट आदि के योगदान को भी याद किया।
गोरखपुर योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम के सीधे प्रसारण के पश्चात जनपद में उपस्थित जनप्रतिनिधि सदस्य विधान परिषद श्रीमती रमा निरंजन सदस्य विधान परिषद श्री रामतीर्थ सिंघल, सदस्य विधान परिषद डॉ0 बाबूलाल तिवारी, विधायक गरौठा श्री जवाहरलाल राजपूत, विधायक बबीना श्री राजीव सिंह पारिछा, श्री आर पी निरंजन ने बेसिक शिक्षा विभाग के 85 शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 45 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने जनपद में सम्मानित शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने जनपद में हो रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन द्वारा कायाकल्प योजना के तहत उन्नीस पैरामीटर पर निरंतर विद्यालयों में कार्य किया जा रहा है लेकिन एक विद्यार्थी एवं विद्यालय की वास्तविक पहचान शिक्षक के प्रभावी व्यक्तित्व से होती है।शिक्षकों द्वारा पूरे वर्ष की गई मेहनत एवं लगन का प्रतिफल ही शिक्षक सम्मान है।शिक्षक बच्चों को किताबी, ज्ञान के साथ मोबाइल एवं इंटरनेट का सदुपयोग करना भी सिखाएं।जिससे वह आधुनिक तक तकनीक का प्रयोग स्वयं के मानवीय विकास एवं राष्ट्र की उन्नति में कर सकें।
इस अवसर पर पण्डित दीनदयाल उपाध्याय सभागार प्रांगण में बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग और बाल विकास एवं पुष्टाहार की तरफ से लगाए गए स्टालों का समस्त जनप्रतिनिधियों ने अवलोकन किया। उन्होंने बेसिक शिक्षा के स्टाल पर, लर्न बाई डूइंग, समावेशी शिक्षा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्टाल पर अटल टिकरिंग लैब के बारे में विस्तार से जानकारी ली और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन भी किया।
आयोजित कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती रती वर्मा ने माननीय जनप्रतिनिधियों सहित समस्त शिक्षक, अभिभावक, बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं अन्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर सम्मानित शिक्षक श्री मिलन गुप्ता, श्री राजीव बबेले सहित अन्य अध्यापक उपस्थित रहे।
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जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित