बुंदेलखंड को बड़ी सौगात:
झांसी-कानपुर हाईवे (NH-27) होगा 6-लेन; सांसद अनुराग शर्मा के प्रयासों को मिली सफलता।
इंफ्रास्ट्रक्चर से बदलेगा बुंदेलखंड का भविष्य: लिंक हाईवे से औद्योगिक विकास को मिलेगा पंख
झांसी:।
झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र के विकास और जनता की सुविधा हेतु किए जा रहे निरंतर प्रयासों के क्रम में आज एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। माननीय सांसद श्री अनुराग शर्मा के विशेष आग्रह और निरंतर अनुश्रवण के परिणामस्वरूप, केंद्र सरकार ने झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे (NH-27) को वर्तमान 4-लेन से बढ़ाकर 6-लेन करने की महत्वपूर्ण स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस दूरगामी निर्णय के लिए सांसद श्री अनुराग शर्मा ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी का आभार व्यक्त किया है।
लगभग 228 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को अत्याधुनिक मानकों के अनुरूप चौड़ा किया जाएगा। परियोजना को गति देने के लिए इसे दो चरणों में बांटा गया है। प्रथम चरण में झांसी से उरई और द्वितीय चरण में उरई से बारा के बीच 6-लेन का निर्माण होगा।
इस अवसर पर सांसद श्री अनुराग शर्मा ने कहा, “झांसी-कानपुर हाईवे हमारे क्षेत्र की जीवन रेखा है। वर्ष 2006 की तुलना में आज इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ चुका है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात से आने वाले भारी वाहनों के कारण जनता को जाम और असुविधा का सामना करना पड़ता था। मुझे प्रसन्नता है कि मेरे द्वारा किए गए अनुरोध को माननीय मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने स्वीकार किया। यह विस्तार न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि बुंदेलखंड में उद्योग और रोजगार के नए अवसरों को भी जन्म देगा। इसके साथ ही सांसद अनुराग शर्मा ने कहा है कि जल्द ही लिंक हाईवे रोड का निर्माण होने जा रहा है जो बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण बीड़ा को डिफेंस कॉरिडोर होते हुए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करेगा , जो व्यापार के लिए एक जीवन रेखा के रूप में कार्य करेगा , उन्होंने कहा जब उद्योग सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर से जुड़ेंगे, तभी बुंदेलखंड के युवाओं के लिए घर के पास रोजगार के अवसर पैदा होंगे।”
विदित हो कि झांसी-कानपुर मार्ग के 6-लेन होने से समय की भारी बचत होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी प्रभावी कमी आएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को परियोजना की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जल्द से जल्द धरातल पर कार्य शुरू किया जा सके।
