14 मई से 15 जून 2026 तक संचालित होगा* *पैमाईश का विशेष अभियान:- जिलाधिकारी*
*प्राथमिकता के आधार पर लंबित धारा 24 वादों एवं आईजीआरएस पर प्राप्त पैमाईश सम्बन्धी शिकायत का करना होगा निस्तारण:- जिलाधिकारी*
आज कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने समस्त उपजिलाधिकारियों सहित उपजिलाधिकारी न्यायिक को धारा-24 में लम्बित वादों के निस्तारण का अभियान चलाकर करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर की गई भूमि संबंधित प्रकरणों के निस्तारण करने की भी समयसीमा तय करते हुए लंबित प्रकरणों का रुचि लेकर निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि राजस्व वादों के निस्तारण के लिए मिशन मोड में कार्यवाही की जाए। कहीं भी किसी गरीब के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। जनता से जुड़े विभागों के अधिकारी तय समय पर जनता से जरूर मिलें। उन्होंने कहा कि आई0जी0आर0एस0 में मिलने वाले आवेदन हों या सी0एम0 हेल्पलाइन अथवा थाना, तहसील, विकासखण्ड में पहुंचने वाले शिकायतकर्ताओं की सुनवाई की जाए। पीड़ित/परेशान व्यक्ति की मनोदशा को समझें और उसकी भावना का सम्मान करें। उस व्यक्ति की समस्या का समाधान पूरी संवेदनशीलता के साथ किया जाए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसका फीडबैक ही अधिकारियों के प्रदर्शन का मानक होगा। जनशिकायतों/समस्याओं से जुड़े आवेदन का संतोषप्रद निस्तारण प्राथमिकता से किया जाए।
जिलाधिकारी ने अवगत कराते हुई कहा कि प्रतिदिन जनसुनवाई के दौरान प्रायः यह देखा जा रहा है कि आम जनमानस / आवेदक के द्वारा धारा-24 (सीमा विवाद) एवं ग्रामसभा की भूमि पर अवैध कब्जे से सम्बन्धित अत्यधिक शिकायती प्रार्थना पत्र प्रेषित किये जा रहे है। जिनके अवलोकन से यह प्रतीत होता है कि न्यायालयों में धारा-24 के प्रकरण कई वर्षों से लम्बित चले आ रहे है,जिनका निस्तारण शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अन्दर न हो पाने के कारण आम जनमानसो के मध्य भूमि के प्रकरणों में विवाद की स्थिति उत्पन्न बनी रहती है। जिसके सम्बन्ध में शासन एवं परिषद द्वारा धारा-24 के लम्बित प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा (03 माह) के अन्दर कराये जाने के निर्देश दिये गये है। शासन एवं परिषद द्वारा दिये गये निर्देशों के बावजूद भी आप द्वारा धारा-24 के लम्बित प्रकरणों में निस्तारण में किसी प्रकार की रूची नही ली जा रही है। जिस कारण भूमि विवाद से सम्बन्धित शिकायती प्रार्थना पत्र आई०जी०आर०एस० पोर्टल के माध्यम से अत्यधिक संख्या में प्राप्त हो रहे है। जिनका निस्तारण विशेष अभियान चलाते हुए प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापरक किया जाना है।
अतः आप सभी को निर्देशित किया जाता है कि आई०जी०आर०एस० पोर्टल के माध्यम से प्राप्त होने वाले भूमि विवाद से सम्बन्धित लम्बित प्रकरणो की सूची निर्धारित प्रारूप पर तिथि वार अवरोही क्रम में तैयार कराते हुए अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में 02 दिवस के अन्दर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि लम्बित शिकायती प्रार्थना पत्रों का निस्तारण विशेष अभियान चलाकर किया जाये। जिसकी समीक्षा प्रतिदिन अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) झांसी के स्तर से की जाएगी एवं साप्ताहिक समीक्षा अधोहस्ताक्षरी के स्तर से की जायेगी।
उन्होंने समस्त तहसीलदारों को उ.प्र. राजस्व संहिता की धारा-24 के वादों के निस्तारण पर फोकस किए जाने के भी निर्देश देते हुए कहा कि इस धारा के अंतर्गत हदबंदी के प्रकरण लिए जाते हैं जिनका समय से निस्तारण करना अति आवश्यक है। उन्होंने लंबित वादों का निस्तारण जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री शिव प्रताप शुक्ल,अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी न्याय श्री अरुण कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे श्री योगेन्द्र कुमार उपस्थित रहे।
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जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित

