आपदा के बाद की जरूरतों के आकलन को लेकर ऑनलाइन बैठक आयोजित*
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झांसी। आपदा के बाद की जरूरतों का आकलन (Post-Disaster Needs Assessment-PDNA) एक सरकारी एवं संयुक्त प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से आपदा से हुई क्षति का आकलन कर पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जाती है। इसका उद्देश्य आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकताओं की पहचान करते हुए संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग करना तथा भविष्य में आपदा के जोखिम को कम करते हुए बेहतर पुनर्निर्माण सुनिश्चित करना है।
PDNA के माध्यम से आपदा से हुई भौतिक क्षति एवं आर्थिक नुकसान का विस्तृत आकलन, प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण एवं पुनर्वास की आवश्यकताओं की पहचान तथा राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक बजट एवं संसाधनों के आकलन में सहायता मिलती है। साथ ही, इसका प्रमुख उद्देश्य केवल पूर्व स्थिति में लौटना नहीं, बल्कि भविष्य के जोखिमों को कम करते हुए अधिक सुरक्षित एवं सुदृढ़ व्यवस्था विकसित करना है।
इसी क्रम में झांसी एनआईसी से ऑनलाइन बैठक/प्रशिक्षण में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्रीमती पल्लवी मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, डीसीएमओ श्री उत्सव राज, नायब तहसीलदार श्रीमती रिया गर्ग, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी श्री संजय सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, एसडीओ बेतवा खण्ड सिंचाई विभाग, जिला आपदा विशेषज्ञ श्री धीरज पाठक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही जनपद की सभी तहसीलों से उप जिलाधिकारी भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
बैठक में आपदा के उपरांत क्षति एवं आवश्यकताओं का व्यवस्थित आकलन करने तथा पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
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सूचना विभाग झांसी द्वारा प्रसारित।
आपदा के बाद की जरूरतों के आकलन को लेकर ऑनलाइन बैठक आयोजित*

