आपदा से निपटने के लिए जनपद के 200 विद्यालयों में आयोजित होंगे मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम:- सीडीओ
** मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम (फेस-3) के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियां तेज, सीडीओ ने बनाई रूपरेखा
** स्कूलों में आयोजित होंगे कार्यक्रम, विशेषज्ञ देंगे आपदा से निपटने की जानकारी
आज मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड की अध्यक्षता में जनपद में मुख्यमंत्री, स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम (फेस-3) के प्रभावी क्रियान्वयन और संचालन के संबंध में राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने हेतु बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और सुरक्षा संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। जिसमें बच्चों को विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं (जैसे बाढ़, वज्रपात, लू आदि) और आग से बचाव के उपाय जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि आपदाओं से निबटने के लिए जिले के 200 विद्यालयों में इसी माह मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम चलाया जाएगा। यह कार्यक्रम किस तारीख से और कहां से और कब से शुरू होगा इस संबंध में जल्द ही निर्धारित किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल में प्रशिक्षक प्रतिदिन कार्यक्रम संचालित करेंगे। इसके लिए जल्द ही प्रशिक्षक की टीम को चयनित किया जाएगा। टीम द्वारा आपात स्थिति से निपटने के लिए स्कूलों में मॉक ड्रिल भी कराए जाने की तैयारियां पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया।
मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने बताया कि विद्यालयों में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण देने का उद्देश्य है कि बच्चे एवं अध्यापक आपदाओं से निपट सकें। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा स्कूली बच्चे इसकी चपेट में आ जाते हैं। विभिन्न आपदाओं में बच्चे सबसे अधिक पीड़ित होते हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री सुरक्षा कार्यक्रम स्कूलों में संचालित किया जा रहा है। जिले में प्रशिक्षण दिलाने की जिम्मेदारी आपदा विशेषज्ञ श्री धीरेन्द्र पाठक को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसकी शुरुआत की जाएगी। विशेषज्ञों द्वारा पहले शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके साथ विद्यालयों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कराए जाएंगे।
इस कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण, स्कूल सुरक्षा गाइड लाइन का लेखन, जागरूकता, विद्यालय आपदा प्रबंधन योजनाएं और माक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग से भी विद्यालयों का चयन किया गया है। उन्होंने चिकित्सा विभाग, अग्निशमन, यातायात एवं नागरिक सुरक्षा संगठन को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द कार्ययोजना तैयार करें ताकि माह के अंत तक उक्त कार्यक्रम आयोजित कराए जा सकें।
मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियां के संबंध में आयोजित बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती पल्लवी मिश्रा ने बताया कि जनपद के 200 विद्यालयों को चिह्नित किया जा रहा है। जिसमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के 50 सरकारी एवं 30 गैर सरकारी विद्यालय शामिल हैं।इसके साथ ही 50 बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालय एवं 30 गैर सरकारी विद्यालय शामिल होंगे।इसके अतिरिक्त जनपद के 40 महाविद्यालयों का भी चयन किया जा रहा है जहां पर उक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती पल्लवी मिश्रा, सीओ ट्रैफिक सुश्री आसमां वकार, डीआईओएस श्रीमती रती वर्मा, बीएसए श्री जितेन्द्र गौड़, सीएफओ श्री आर के राय, जिला आपदा प्रबंधक श्री धीरज पाठक, श्री रामकिशोर, श्री ए पी यादव सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित

