ब्राह्मण महिला समाज द्वारा गणेश उत्सव का हुआ भव्य आयोजन, गौरी नंदन की हुई पूजा अर्चना
** धार्मिक एवं पौराणिक कथाओं का हुआ वाचन, जिसे अत्यधिक सराहा गया
झांसी। गणेश उत्सव के पावन अवसर पर ब्राह्मण महिला समाज द्वारा आज नगर के श्रीनाथ होटल में गणेश उत्सव का भव्य आयोजन किया गया।
ब्राह्मण महिला समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती सुनीता अतुल दीक्षित एवं विशिष्ट अतिथि श्रीमती ममता पचौरी ने समस्त सदस्यों के साथ दीप प्रज्वलन करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती सुनीता अतुल दीक्षित ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन सामाजिक सौहार्द को बढ़ाने और हमारी सांस्कृतिक धरोहर को सजोने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।यह आयोजन हमारी परंपराओं को जीवित रखते हुए उन्हें आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।
गणेश उत्सव का कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ब्राह्मण महिला समाज की महिलाओं से कहा कि महिलाएं यदि ठान लें तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने आज के बदलते परिवेश के दृष्टिगत महिलाओं को सुझाव दिया कि परिवार में युवा होते बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें ताकि उन्हें संस्कारी बनाया जा सके।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई, जिसमें गणेश वंदना का सामूहिक गायन किया गया। गणेश उत्सव का मुख्य आकर्षण धार्मिक एवं पौराणिक कथाओं का वाचन रहा, जिसमें श्रीगणेश की बुद्धिमत्ता को प्रदर्शित किया गया।
गणेश उत्सव के कार्यक्रम में धार्मिक भजन/गीतो पर अनामिका दीक्षित, साक्षी कौशिक, प्रतिभा दुबे, समता चतुर्वेदी, पूजा चतुर्वेदी,गीता पाठक ने भक्ति गीत पर नृत्य करते हुए कार्यक्रम में चार चांद लगाए।
कार्यक्रम में कल्पना दीक्षित, मंजू दीक्षित, निधि समाधिया,भारती दुबे, भारती दुबे ने भक्ति गीत पर नृत्य कर सभी से प्रशंसा प्राप्त की।
इस अवसर पर कविता मिश्रा,नीरु पांडेय, शशि व्यास, रजनी समाधिया, सुधा द्विवेदी, रजनी मिश्रा, शैलजा, योगिता ने कार्यक्रम के अध्यक्ष और मुख्य अतिथि सहित सभी महिला सदस्यों का स्वागत किया। साथ ही गणेश उत्सव के आयोजन पर सभी महिला सदस्यों ने समाज हित में कार्य करने की शपथ ली।
कार्यक्रम में प्रतिभागी महिलाओं को स्मृति चिन्ह व प्रसाद वितरित किया गया। पारंपरिक व्यंजनों का भी सभी ने आनंद लिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन शशि व्यास ने किया। भावना, कविता मिश्रा ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में अपना योगदान दिया।

