जनगणना राष्ट्र का सबसे बड़ा प्रशासनिक कार्य शुद्धता एवं गोपनीयता का रखें ध्यान:- जिलाधिकारी
** घर-घर पहुंचकर होगी जनसंख्या की गणना, फील्ड ट्रेनरों को दी जा रही बारीकियों की ट्रेनिंग
** पहले स्लॉट में 07 से 09 अक्टूबर तक चलेगा प्रशिक्षण
** जनगणना के दूसरे चरण की तैयारी तेज, जनपद में फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
** फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षण स्थल पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं खाने-रहने की हुई व्यवस्था
झांसी। भारत की जनगणना के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना को लेकर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना कार्य को पूरी सटीकता और पारदर्शिता के साथ कराने के लिए फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। बुधवार को रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय विश्वविद्यालय झांसी के मशरुम हॉल एवं हनी वी हाल में तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख जनगणना अधिकारी/ जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी के वर्चुअल संबोधन के साथ किया गया।
अपने वर्चुअल संबोधन में प्रमुख जनगणना अधिकारी/जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में आंकड़ों की शुद्धता सबसे अहम होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनरों को जनसंख्या गणना की प्रक्रिया, गणना से जुड़े प्रपत्रों, निर्धारित प्रक्रिया, फील्ड में आने वाली संभावित चुनौतियों और गणना कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा कराने की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब गणना का कार्य जमीनी स्तर पर शुरू हो तो किसी भी स्तर पर आंकड़ों में चूक की गुंजाइश न रहे।
आज से प्रारंभ हुए फील्ड ट्रेनरों के प्रशिक्षण को 07, 08 और 09 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान प्रशिक्षकों को जनसंख्या गणना की पूरी प्रक्रिया से दक्ष किया जाएगा, ताकि आगे फील्ड स्तर पर गणना कार्य में लगे कार्मिकों को सही और स्पष्ट प्रशिक्षण दिया जा सके।
प्रमुख जनगणना अधिकारी/ जिलाधिकारी ने आपने संबोधन में कहा कि जनसंख्या गणना केवल लोगों की संख्या दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश के सामाजिक और विकास संबंधी आंकड़ों का महत्वपूर्ण आधार तैयार होता है। ऐसे में घर-घर होने वाली गणना में प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी सही तरीके से दर्ज होना बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को इसी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करने पर जोर दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर जनगणना कार्य की गंभीरता और महत्व को देखते हुए प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता से लेने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर ही आगे गणना कार्य को प्रभावी ढंग से जमीन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला जनगणना अधिकारी/अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती पल्लवी मिश्रा ने बताया कि यह प्रशिक्षण तीन दिवसीय (07 से 09 अक्टूबर) तक चलेगा। इसमें जनपद के 78 फील्ड ट्रेनर्स को दो बैच बनाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा और इन प्रशिक्षण प्राप्त फील्ड ट्रेनर द्वारा 22 अक्टूबर से 02 नवंबर के मध्य नियुक्त प्रगणकों को और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिला जनगणना अधिकारी ने कहा कि जनगणना का यह चरण आने वाले वर्षों की योजनाओं और नीतियों के लिए आधारभूत आंकड़े तैयार करेगा। ऐसे में फील्ड स्तर पर होने वाली हर गणना और दर्ज होने वाला हर आंकड़ा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशिक्षण राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स श्री सौरभ श्रीवास्तव, श्री ऋषि मुनि प्रताप सिंह, श्री अंकुर त्रिपाठी एवं जागरण निर्देशालय की श्रीमती सुरम्या द्वारा दिया जाता है।
इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती पल्लवी मिश्रा ने जनगणना सामग्री का वितरण किया।

