डॉ. अंशुल जैन को इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ एनेस्थीसिया एंड क्रिटिकल केयर (IAOACC) का अध्यक्ष मनोनीत किया गया*
झाँसी — एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में वैश्विक शैक्षणिक मानकों को एकसमान स्तर पर स्थापित करने के उद्देश्य से कार्यरत इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ एनेस्थीसिया एंड क्रिटिकल केयर (IAOACC) में झाँसी में ऐनिस्थीसिया के वरिष्ठ विशेषज्ञों को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं।
एमएलबी मेडिकल कॉलेज झाँसी के एनेस्थीसिया विभाग के प्रोफेसर प्रो. (डॉ.) अंशुल जैन को अध्यक्ष (President) मनोनीत किया गया है। डॉ. छवि सेठी, एमएलबी मेडिकल कॉलेज झाँसी को सचिव (Secretary) मनोनीत किया गया है।
*रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय एनेस्थीसिया सम्मेलन में गवर्निंग बॉडी के निर्णय अनुसार*,
डॉ. अनिल वर्मा, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर को उपाध्यक्ष (Vice President), तथा
प्रो. (डॉ.) संदीप साहू, एसजीपीजीआई लखनऊ को एडिटर (Editor) naamit किया गया है।
एकेडमी की अकादमिक दिशा निर्धारण में AIIMS सहित देश के संस्थान-महत्त्व (Institutes of National Importance) के विशेषज्ञ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
IAOACC का विज़न — “One Earth, One Standard”
एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर में शिक्षा, प्रशिक्षण और मरीज-सुरक्षा के वैश्विक मानकों को हर संस्थान और प्रत्येक चिकित्सक तक पहुँचाना।
शीर्ष नेतृत्व संरचना चांसलर — ब्रिगेडियर (प्रो.) टी. प्रभाकर (पूर्व कुलपति, सैफ़ई),वाइस चांसलर – ग्लोबल अफेयर्स — प्रो. अंजन त्रिखा (USA)
एकेडमी के प्रमुख उद्देश्य
🔹 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त फेलोशिप एवं सर्टिफिकेट कोर्स भारत के मेडिकल कालेज में करवाना
🔹 CME/वर्कशॉप्स को IAOACC अकादमिक मान्यता प्रदान करना
🔹 उच्च स्तरीय वैश्विक जर्नल्स एवं शिक्षण संसाधनों की उपलब्धता
🔹 युवा चिकित्सकों हेतु मेंटोरशिप, करियर मार्गदर्शन एवं रिसर्च सहायता
🔹 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग एवं मल्टी-सेंटर रिसर्च को बढ़ावा
(डॉ.) अंशुल जैन ने कहा—
“हमारा उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं, बल्कि नवाचार (Innovation) और ज्ञान-साझाकरण को भी समान रूप से बढ़ावा देना है। एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर की उच्चतम गुणवत्ता केवल बड़े शहरों या नामी संस्थानों तक सीमित न रहे — बल्कि देश-विदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुँचे। हर चिकित्सक को समान अवसर मिले और हर मरीज को सुरक्षित एवं श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो — इसी संकल्प के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं।
डॉ. छवि सेठी, सचिव, IAOACC ने कहा—“अध्यक्ष और सचिव — दोनों का एक ही संस्थान से होना, संगठनात्मक कार्यों में अधिक समन्वय और सुगमता सुनिश्चित करेगा। यह एकेडमी को तेजी से प्रभावी निर्णय लेने और उन्हें लागू करने में सक्षम बनाएगा।जो वैश्विक स्तर पर मानक स्थापित हैं — उन्हें भारत में लागू किया जाएगा, और जो उत्कृष्ट कार्य भारत में अग्रणी रूप से हो रहा है — उसे वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। इसी दो-तरफ़ा अकादमिक आदान-प्रदान के माध्यम से ‘One Earth, One Standard’ का लक्ष्य साकार होगा।”
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जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित
