• Wed. Jun 24th, 2026

BKT News24

Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें, BKT News24

मुख्य विकास अधिकारी ने बमौर ब्लॉक में ICRISAT द्वारा संचालित जल संचयन सम्बन्धी परियोजना का किया अवलोकन

ByBKT News24

Jun 24, 2026

मुख्य विकास अधिकारी ने बमौर ब्लॉक में ICRISAT द्वारा संचालित जल संचयन सम्बन्धी परियोजना का किया अवलोकन

संचालित परियोजना से 25 गांवों में आई खुशहाली, उत्पादन में हुई बढ़ोतरी-भूगर्भ जल में भी हुआ इजाफा

सीडीओ ने की परियोजना की सराहना, ऐसे भूमि एवं जल संरक्षण के कार्य जिले के अन्य क्षेत्रों में भी कराए जाने से मिलेगा लाभ

मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम नागर में पुनर्जीवित हवेली प्रणाली का भी किया निरीक्षण

झांसी। आज मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने ICRISAT द्वारा राज्य कृषि विकास कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से संचालित परियोजना “झांसी जनपद में कृषि आजीविका सुदृढ़ीकरण हेतु परिदृश्य संसाधन संरक्षण” का भ्रमण किया। इस अवसर पर उप आयुक्त मनरेगा शेखर श्रीवास्तव एवं खण्ड विकास अधिकारी गौरव कुमार उपस्थित रहे।
यह परियोजना बामौर एवं गुरसराय विकास खण्ड के 25 गांवों में 13,872 हेक्टेयर क्षेत्र में संचालित की जा रही है। जिसका उद्देश्य भूमि एवं जल संसाधनों का संरक्षण कर कृषि उत्पादन बढ़ाना, भूजल स्तर में सुधार लाना,जलवायु सहिष्णु कृषि को बढ़ावा देना तथा किसानों की आजीविका को अधिक मजबूत बनाना है।
भ्रमण के दौरान सीडीओ रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने ग्राम नागर में पुनर्जीवित हवेली प्रणाली, ग्राम सैगुवां के सामुदायिक तालाब तथा परियोजना के अंतर्गत किए गए नालों के गहरी एवं चौड़ीकरण और खेतोँ पर मेड़बंदी कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इन कार्यों से होने वाले वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा मिट्टी और जल संरक्षण के सकारात्मक प्रभावों की जानकारी ली।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्थानीय किसानों एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (NRM) समिति एवं प्रोग्रेसिव बुंदेलखंड फार्मर प्रोडूसर कंपनी के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष आशीष उपाध्याय, पुष्पेंद्र सिंह बुंदेला, रामप्रकाश पटेल, संजीव बिरथरे से भी बातचीत की। स्थानीय किसानों ने बताया कि परियोजना में किए जा रहे कार्यों से संबंधित गांवों में जल उपलब्धता में सुधार होगा और कृषि कार्यों को लाभ मिलेगा। परियोजना के तहत क्षेत्र में मोटे अनाज, दलहन एवं तिलहन की उन्नत किस्मों तथा अन्य जलवायु सहिष्णु कृषि तकनीकों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
सीडीओ रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने परियोजना के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के भूमि एवं जल संरक्षण कार्यों को जिले के अन्य क्षेत्रों में भी विभागीय संसाधनों और कर्मचारियों के माध्यम से अपनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि ICRISAT तकनीकी मार्गदर्शन एवं क्षमता निर्माण में सहयोग प्रदान कर सकता है, जिससे ऐसे कार्यों का व्यापक विस्तार संभव होगा।
ICRISAT की और से आर. के. उत्तम, डॉ0 अशोक शुक्ला, शुवेन्द्र कुमार, इंजी. दीपक त्रिपाठी, सुनील कुमार निरंजन एवं शैलेन्द्र सोनी ने परियोजना में किये जा रहे समस्त कार्यों के विषय में विस्तार से बताया।
सीडीओ ने कहा कि इस प्रकार के कार्य एवं परियोजनाएं बुंदेलखंड में जल संरक्षण, कृषि विकास और किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
भ्रमण के दौरान नागर ग्राम प्रधान अनुज द्विवेदी एवं सैगुवां ग्राम प्रधान संतोष पटेल सहित स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।