विभाजन विभीषिका दिवस पर विस्थापित महानुभावों का किया सम्मान*
*राष्ट्र की एकता एवं अखण्डता सर्वोपरि, प्रत्येक नागरिक का मूल कर्तत्व*
*विभाजन के दौरान प्राण गंवाने वाले नागरिकों को दी गयी श्रद्धांजलि*
*विभाजन विभीषिका प्रदर्शनी देखकर भावुक हुये, देखा विभाजन का इतिहास*
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झांसी: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर अभिलेख एवं छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन राजकीय संग्रहालय में किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा देश के विभाजन के समय विस्थापित परिवार झांसी में निवासरत आदरणीय श्रीमती सुरिन्दर कौर जी का शाॅल एवं स्मृति चिन्ह सम्मानपूर्वक भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों द्वारा राजकीय संग्रहालय में आयोजित विभाजन विभीषिका अभिलेखीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया।
मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पवन कुमार गौतम ने अपने सम्बोधन में कहा कि 14 अगस्त 1947 वह तिथि है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। एक तरफ देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्ति मिल रही थी तो वहीं दूसरी तरफ इसकी कीमत देश के विभाजन के रुप में प्राप्त हो रही थी। उन्होने बताया कि विभाजन के परिणाम स्वरुप लाखों लोग बेघर हो गये जिस कारण इन्हें रातों-रात पलायन के लिये मजबूर होना पड़ा, अपने देश के लिये यह विभाजन किसी विभीषिका से कम नहीं था।
मा0 एम0एल0सी0 श्री रामतीर्थ सिंघल ने अखण्ड भारत की आजादी के पीछे दुखद घटना को याद करते हुये कहा कि भारत का विभाजन अभूतपूर्व मानव विस्थापन और मजबूरी में पलायन की दर्दनाक कहानी है। उन्होंने कहा कि बच्चे भारत का भविष्य है, बच्चों को इतिहास की जानकारी देना बहुत ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हम अपने इतिहास को भूलकर सुनहरे भविष्य की कल्पना भी नहीं कर सकते है। उन्होंने बताया कि अपनी मेहनत के बल पर सरदार गुरजीत सिंह चावला का परिवार जीरो से हीरो बनकर सम्मान के साथ झांसी में निवासरत है।
मा0 एम0एल0सी0 श्रीमती रमा निरंजन ने कहा कि हमारे भारत का विभाजन क्यों हुआ, बँटवारे के समय एक साथ लाखों लोगों ने एक स्थान से दूसरे स्थान को पलायन किया था, जिसमें कई परिवार बिछड़ने से ऐसा दर्दनाक माहौल था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने मा0 प्रधानमंत्री जी एवं मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा किये गये अतुलनीय कार्य के लिए सराहना की।
विभाजन विभीषिका दिवस पर जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने देश के विभाजन के दौरान प्राण गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये विस्थापन एवं विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस पर एक प्रदर्शनी भी लगायी गयी, जिसके माध्यम से इतिहास के उस दौर की पीड़ा, संघर्ष और मानव त्रासदी को स्मरण करने का अवसर मिल रहा है, यह दिवस उन असंख्य लोगों के त्याग और संघर्ष को याद करने के साथ ही सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सद्भाव को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि विस्थापित परिवार अपनी मेहनत के बल पर सम्मान के साथ झांसी में निवासरत है।
इस अवसर पर सरदार गुरजीत सिंह चावला ने विभाजन विभीषिका के समय विस्थापित परिवारों को सम्मानित करने पर सरकार एवं जिला प्रशासन की सराहना करते हुये कहा कि विस्थापन बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण रहा और इस प्रकार की घटनायें मानव जीवन को कंलकित करने का कार्य करती है। हमारे देश में आगे फिर कभी इस प्रकार की त्रासदी न हो, हमें सदैव इस संवेदना के साथ देश के प्रति अपने दायित्वों एवं कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
कार्यक्रम के अवसर पर मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पवन गौतम, मा0 एमएलसी श्री रामतीर्थ सिंघल, मा0 एमएलसी श्रीमती रमा निरंजन, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री प्रदीप पटेल, जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी, मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, उप निदेशक राजकीय संग्रहालय श्री मनोज कुमार गौतम, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी श्री राजीव त्रिवेद्वी, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी श्री डी0के0 शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती रति वर्मा, सहायक निदेशक सूचना श्री सुरजीत सिंह एवं श्री गुरजीत सिंह चावला, श्री मोहन नेपाली, श्री अशोक अग्रवाल काका, सुदर्शन शिवहरे सहित अन्य गणमान्य नागरिकों एवं डाॅ0 राजेन्द्र प्रसाद कन्या इण्टर काॅलेज, विपिन बिहारी इण्टर काॅलेज, एल0बी0एम0 के छात्र-छात्राओं सहित अध्यापकगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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सूचना विभाग, झांसी द्वारा प्रसारित।

