निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद झांसी में 1200 मतदाताओं के आधार पर मतदेय स्थलों का सम्भाजन आरम्भ
** उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ मतदेय स्थल सम्भाजन पर महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न
** 04 से 11 जुलाई 2026 के मध्य मतदेय स्थल विषयक आपत्ति संबंधित एसडीएम या जिला निर्वाचन अधिकारी में करें जमा
** मतदेय स्थल आपत्ति पर बिन्दुबार, विधानसभा मतदान केंद्र मतदेय स्थल किन कारणों से बदलाव करना चाहते हैं का उल्लेख करें:- उप जिला निर्वाचन अधिकारी
** संभाजन में आपत्ति यदि हो तो राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि 04 से 11 जुलाई तक देने का कष्ट करें, ताकि निस्तारण किया जा सके
** जनपद में मतदाताओं की सुविधा के लिए नए मतदान स्थलों का निर्धारण, 18 जुलाई तक पूरी होगी प्रक्रिया
अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिव प्रताप शुक्ल की अध्यक्षता में मतदेय स्थलों के सम्भाजन के संबंध में जनपद के मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में संपन्न हुई। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देशानुसार 1200 मतदाताओं के आधार पर मतदेय स्थलों का सम्भाजन किया जा रहा है।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदेय स्थलों का सम्भाजन भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदेय स्थल बनाने हेतु भवनों का चयन पुनर्निधारण तथा भवनों का भौतिक सत्यापन अधिकतम 1200 मतदाताओं के आधार पर कराये जाने के निर्देश प्राप्त हुये हैं। मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन के दौरान ऐसे मतदेय स्थलों का सम्भाजन मतदेय स्थल भवन तथा उससे सम्बद्ध किये जाने वाले निर्वाचक नामावली के सुसंगत भाग के शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के बाद किया गया अर्थात् भवन के सत्यापन के साथ-साथ यह भी देखा गया कि उस मतदेय स्थल की निर्वाचक नामावली में अंकित मतदाताओं का निवास उस भवन के आस-पास भौतिक रूप से हो।
मतदेय स्थल सम्भाजन के सम्बन्ध में आयोग से प्राप्त निर्देश के क्रम में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार मतदेय स्थलों को रनिंग सिरियल नम्बर दिये जायेगें। मतदेय स्थलों की नई सूची में कोई भी आक्जिलरी (सहायक) मतदेय स्थल नहीं रखा जायेगा। सम्भाजन के समय मतदेय स्थल भवनो के नाम शुद्ध रूप से अंकित किये जायें, ऐसे मतदेय स्थलों को चिन्हित किया जाय जो मुख्य गाँव/बस्ती से पर्याप्त दूरी पर है, उन मतदेय स्थलों को वहाँ से हटाकर मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत किसी सुविधाजनक भवन में स्थापित किया जाये। यह भी सुनिश्चित कर लिया जाये कि मतदेय स्थल की दूरी लगभग 02 कि०मी० से अधिक न हो। विशेष परिस्थितियों में 300 से कम मतदाता वाले मतदेय स्थलों को रखा जाना अपरिहार्य हो, तो उस मतदेय स्थल को बनाये रखे जाने के सम्बन्ध में स्पष्ट कारण का प्रस्ताव में उल्लेख किया जाय। शहरी क्षेत्रों में जहाँ नयी आवासीय कालोनियां गत कुछ वर्षों में बनी हैं और उसमें नागरिक निवास करने लगे हैं तो वहाँ पर यथावश्यकता नया पोलिंग स्टेशन बनाया जाए। अत्यधिक पुराने व जर्जर भवन वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपलब्ध स्थायी भवन में स्थानान्तरित कर दिया जाए। अस्थायी निर्माण वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपलब्ध स्थायी भवन में स्थानान्तरित कर दिया जाए। जिन मतदेय स्थलों के भवन पुराने व जर्जर नहीं है तथा जहाँ मतदाताओं को 02 कि0मी0 से अधिक दूरी चलने की आवश्यकता नहीं है, ऐसे मतदेय स्थलों की स्थिति में परिवर्तन नहीं किया जाए।
कोई मतदेय स्थल यदि अपने मतदान क्षेत्र में उपयुक्त भवन न उपलब्ध होने के कारण मतदान क्षेत्र से बाहर स्थित है और अब मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपयुक्त भवन उपलब्ध हो गया है तो ऐसे मतदेय स्थल को अपने मतदान क्षेत्र के अन्दर स्थित भवन में शिफ्ट कर दिया जाए। यदि भौतिक सत्यापन में किसी मतदेय स्थल के संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के बाहर स्थित होने का मामला प्रकाश में आता है तो ऐसे पोलिंग स्टेशनों को परिवर्तित कर विधानसभा क्षेत्र के अन्दर स्थापित किया जाए। सभी मतदेय स्थल भवनों के यथासम्भव भू-तल पर होना सुनिश्चित किया जाए। दिव्यांगजनों और अशक्त मतदाताओं की सुविधा के लिये प्रत्येक मतदेय स्थल पर रैम्प की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने आयोग के निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी राजनैतिक दल या लेबर यूनियन के कार्यालय से 200 मीटर के अन्दर कोई भी मतदेय स्थल नहीं बनाया जाए। यदि कोई मतदेय स्थल निजी भवन में स्थापित है और वहां यदि शासकीय भवन उपलब्ध हो गये हैं तो उक्त मतदेय स्थलों को शासकीय भवनों में स्थानान्तरित कर दिया जाय। यदि कोई मतदेय स्थल दुकान/व्यवसायिक प्रतिष्ठान/व्यक्तिगत सामुदायिक केन्द्र/विवाह घर अथवा ऐसे भवन, जिनका स्वामित्व किसी राजनैतिक व्यक्ति के पास है, ऐसे मतदेय स्थलों हेतु विकल्प तलाश कर उनको स्थानांन्तरित कर दिया जाय।
मतदेय स्थलों के सम्भाजन एवं पुनरीक्षण पूर्व की जाने वाली गतिविधियों हेतु समय सारिणी आयोग द्वारा निर्धारित की गयी है, जिसके अन्तर्गत मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निधारण एवं नये मतदेय स्थल स्थापित करने हेतु भवनों का चिन्हांकन 24 जून से 28 जून 2026 तक, मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मतदेय स्थलों के प्रस्ताव तैयार कराना 29 जून से 01 जुलाई 2026 तक, आपत्तियों एवं सुझावों हेतु मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन 04 जुलाई, 2026 तक, मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराना 04 नवम्बर, 2026 तक वर्तमान संसद सदस्यों, विधानसभा सदस्यों तथा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ बैठकों के आयोजन के पश्चात् शिकायतों एवं सुझावों के निस्तारण के बाद सूची को अन्तिम रूप 18 जुलाई 2026 तक दिया जाना है, उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी संलग्नकों सहित मतदेय स्थलों का प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को आयोग के अनुमोदनार्थ भेजने हेतु उपलब्ध कराया जाना 25 जुलाई, 2026 तक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय भेजा जाएगाl
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिव प्रताप शुक्ल ने बताया कि 1200 के ऊपर मतदाता होने के कारण संभाजित एवं समायोजित करते हुए बूथ की जानकारी देते हुए बताया कि विधानसभा 222- बबीना में मतदान स्थल 1200 से अधिक मतदाता वाले बूथों की संख्या 01, सम्भाजन के दौरान समायोजित किये गये बूथों की संख्या 17, प्रस्तावित मतदान स्थलों की कुल संख्या 382, विधानसभा क्षेत्र 223-झाँसी नगर में मतदान स्थल 1200 से अधिक मतदाता वाले बूथों की संख्या 01, सम्भाजन के दौरान समायोजित किये गये बूथों की संख्या 01, प्रस्तावित मतदान स्थलों की कुल संख्या 440, विधानसभा क्षेत्र 224- मऊरानीपुर मतदान स्थल 1200 से अधिक मतदाता वाले बूथों की संख्या 0, सम्भाजन के दौरान समायोजित किये गये बूथों की संख्या 04, प्रस्तावित मतदान स्थलों की कुल संख्या 492, विधानसभा क्षेत्र 225- गरौठा में कुल मतदेय स्थल 428 हैं, 1200 से अधिक मतदाता होने के कारण नए प्रस्तावित मतदेय स्थल की संख्या 0, संभाजन के दौरान समायोजित किए गए बूथों की संख्या 03, प्रस्तावित मतदान स्थलों की कुल संख्या 425 है। जनपद झाॅसी के चारों विधानसभाओं में निर्वाचन प्रस्तावित मतदान स्थलों की कुल संख्या 1739 है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ अपर जिलाधिकारी श्री शिव प्रताप शुक्ल ने बैठक में उपस्थित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि यदि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में सम्भाजन के दौरान बूथों पर कोई आपत्ति है तो 10 दिवस के अन्दर जानकारी दें ताकि उस आपत्ति का निस्तारण कराया जा सके।
आयोजित बैठक में समस्त उप जिलाधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।
बैठक में उपजिलाधिकारी झांसी सदर श्री गोपेश तिवारी, वरिष्ठ सहायक श्री आर के पाल सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जनपदीय प्रतिनिधि के रूप में श्री अभिषेक जैन उपाध्यक्ष भाजपा, श्री गिरिजा शंकर राय उपाध्यक्ष राष्ट्रीय कांग्रेस,श्री ब्रजेन्द्र सिंह भोजला जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी, श्री देवेन्द्र पटेल अपना दल,श्री बीडी फुले जिलाध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी, श्रीपुट्टू सिंह कुशवाहा आम आदमी पार्टी, श्री नीरज मड़ोरा समाजवादी पार्टी उपस्थित रहे।
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जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित।

