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जनपद में रोवर टेक्नोलॉजी से होगी खेतों की सटीक पैमाईश:- अपर आयुक्त प्रशासन

ByBKT News24

Jul 18, 2026

जनपद में रोवर टेक्नोलॉजी से होगी खेतों की सटीक पैमाईश:- अपर आयुक्त प्रशासन

** रोवर तकनीक के लाभ, पारदर्शिता और सटीकता:- अपर आयुक्त प्रशासन

** भूमि संबंधित विवादों पर लगेगा अंकुश, विवादों का निर्धारित समय में और गुणवत्तापूर्ण होगा निस्तारण

आज जीएनएसएस रोवर द्वारा भूमि का सीमांकन कराये जाने सम्बन्धित बैठक का आयोजन अपर आयुक्त (प्रशासन) श्रीमती प्रियंका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में सम्पन्न हुआ।
अपर आयुक्त( प्रशासन ) श्रीमती प्रियंका ने बताया कि जनपद में अब तक भूमि सम्बन्धी विवाद में लोग अपने-अपने खेतो का पैमाईश यानि की धारा-24 कराते है। पैमाईश अब तक जरीब के माध्यम से होती है। अब प्रदेश सरकार एक नये पहल के माध्यम से रोवर टेक्नोलॉजी का उपयोग करने जा रही है। इसमें ग्लोबल नेवीगेशन सेटेलाईट सिस्टम जो डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस भारत सरकार का है उस तकनीक का इस्तेमाल करके पैमाईश किया जायेगा।
उन्होने बताया कि इस विधि से पैमाईश सटीक होगी और इससे किसी प्रकार की पक्षों में विवाद की शून्य संभावना रहेगी। उन्होने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जनपदों मे 01 जुलाई 2026 से रोवर टेक्नोलाजी के माध्यम से भूमि पैमाईश का निर्देश दिया गया हैं। इस हेतु जनपद के समस्त तहसीलो मे एक-एक रोवर दिये जा चुके है इसके लिए रेवेन्यू अधिकारियो को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
01 जुलाई 2026 से जनपद के प्रत्येक तहसील के एक-एक खेत का रोवर टेक्नोलाजी से पैमाईश करायी जायेगी तथा पुराने विधि से होने वाले पैमाईश का मिलान कर दोेनो विधि का आंकलन भी किया जायेगा ताकि भविष्य मे भूमि पैमाईश तीव्र व गुणवत्तापूर्ण हो सके। इसके लिए रोवर टेक्नोलाजी अपनायी जायेगी, जिससे भूमि सम्बन्धी विवाद का समयान्तर्गत व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो सकेगा।उन्होने बताया कि रोवर टेक्नोलॉजी एक इस्ट्रूमेंट होता है, ये उपकरण सेटेलाईट सिस्टम यूज करता है। इस टेक्नोलॉजी का यूज करके भूमि पैमाईश को सुदृढ व मजबूत बनाया जायेगा।
अपर आयुक्त प्रशासन ने बताया कि परम्परागत रूप से भूमि का सीमांकन/ सर्वे हेतु जरीब, फीता, चुम्बकीय सूई, मापक छड़ें तथा झण्डियों, लम्बे दण्ड (7), लठ्ठ्ठा आदि का प्रयोग किया जाता है। उक्त उपकरणों के प्रयोग से भूमि के सीमांकन/सर्वे कार्य में प्रायः विलम्ब होता है तथा मापन की गुणवत्ता भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित होती है।
इस हेतु विधिक व्यवस्था के आलोक में परिषद द्वारा भूमि का सीमांकन/सर्वे कार्य के समयबद्ध, गुणवत्तापरक एवं पारदर्शितापूर्ण निस्तारण हेतु परम्परागत सीमांकन के उपकरणों के स्थान पर आधुनिक तकनीक पर आधारित जी०एन०एस०एस० रोवर का उपयोग किये जाने का निर्णय लिया गया है। उ०प्र० राजस्व संहिता, 2006 की धारा-24 एवं उ०प्र० राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम-22 में प्राविधानित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए जी०एन०एस०एस० रोवर के माध्यम से सीमांकन का कार्य किया जायेगा।
अपर आयुक्त( प्रशासन) श्रीमती प्रियंका ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित समस्त अधिकारियों से कहा की इस पद्धति का क्षेत्र में चौपाल आयोजित कर प्रचार प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक भूमि सम्बंधित विभाग को समय से निस्तारित किया जा सके।
बैठक में मास्टर ट्रेनर श्री ओम मिश्रा एवं श्री अम्बरीश शुक्ला द्वारा रोवर के माध्यम से खेतों की पैमाइश कैसे की जाती है कि जानकारी दी। तदुपरांत, मास्टर ट्रेनर द्वारा जीआईसी ग्राउंड में रोबर को संचालित करने की विधि की जानकारी दी।
इस अवसर पर जनपद झांसी से अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती पल्लवी मिश्रा, नायब तहसीलदार सुनील तिवारी सहित ललितपुर, जालौन के अपर जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य राजस्वकर्मी उपस्थित रहे।
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जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित