डीएम का बड़ा एक्शन, निजी स्कूलों की मनमानी पर चलेगा कानून का डंड़ा
** मनमानी फीस वसूली या अभिभावकों पर अनुचित दबाव बनाने वाले विद्यालयों के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई:-डीएम
** अधिनियम 2018 के अंतर्गत ड्रेस और किताबों की मोनोपाॅली पर रोक, निजी विद्यालय द्वारा तय दुकान से खरीदने की अनिवार्यता प्रतिबंधित, उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
** यूनिफार्म में अनावश्यक बदलाव पर भी लगी रोक, 05 वर्ष से पूर्व नहीं बदल सकेंगे यूनिफार्म
** विद्यालय प्रबंधतंत्र को अभिभावक को भी देगें फीस की जानकारी, पोर्टल पर भी करना होगा अपलोड
** शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTI) 2009 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी दिया विशेष बल
** विद्यालय प्रबंधतंत्र/प्रधानाचार्य अधिनियम 2018 का करेंगे अक्षरश: पालन, अवहेलना करने वाले विद्यालय संचालकों के विरुद्ध होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
आज जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने “जिला शुल्क नियामक समिति” के सदस्यों के साथ आयोजित बैठक में स्पष्ट किया कि जनपद के सभी निजी स्कूलों को उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम -2018 एवं उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित (शुल्क विनियमन) (संशोधन) अधिनियम-2020 का कड़ाई से पालन करना होगा।मनमानी फीस वसूली या अभिभावकों पर अनुचित दबाव बनाने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक शोषण की मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने बड़ा कदम उठाया है। जिले में संचालित 150 यूपी बोर्ड, 55 सीबीएसई एंव 17आईसीएसई विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि कुछ विद्यालय ‘शिक्षा’ के मूल उद्देश्य से भटककर उसके ‘व्यवसायीकरण’ की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे सामाजिक असंतोष और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। प्रवेश शुल्क, विकास शुल्क और वार्षिक शुल्क के नाम पर हो रही अवैध वसूली अब प्रशासन की निगरानी में है। अधिनियम के तहत अब कोई भी विद्यालय प्रबंधन या प्राचार्य छात्रों को यूनिफॉर्म, पाठ्य-पुस्तकें या स्टेशनरी किसी एक तय दुकान या विक्रेता से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।अधिनियम के तहत जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष दुकानों से खरीदारी की अनिवार्यता पूरी तरह प्रतिबंधित है, उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विद्यालयों को फीस एवं अनिवार्य पुस्तकों और यूनिफॉर्म की सूची उनकी कीमतों सहित अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करने का निर्देश दिए।
आयोजित बैठक में एक सकारात्मक पहल के तहत जिलाधिकारी श्रीगौरांग राठी ने निर्देश दिए कि यदि छात्र अपने बड़े भाई-बहनों की पुरानी किताबों का उपयोग करना चाहते हैं, तो विद्यालय उन्हें हतोत्साहित करने के बजाय प्रोत्साहित करेंगे। इसके अलावा, स्कूल यूनिफॉर्म में अनावश्यक बदलाव पर भी रोक लगा दी गई है। छात्र सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रोड सेफ्टी के भी सभी नियमों का अनुपालन किया जाना अनिवार्य किया गया है। संचालित बसों में सीसीटीवी कैमरे तथा मेडिकल किट जैसी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हों। इन नियमों के पालन पर प्रशासन कड़ी नजर रखेगा।
जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष बल दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि धारा 12(1)(C) के तहत नामांकित आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा. इस आदेश का उद्देश्य निजी विद्यालयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करना है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे जिले में लागू कर दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश की अवहेलना करने वाले विद्यालय संचालकों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने जनपद में भीषण गर्मी के दृष्टिगत विद्यालयों में संचालित समर कैंपों के आयोजन के संबंध में निर्देश दिए कि यातायात सुरक्षा के उपाय किए जाने तथा सभी बोर्ड विद्यालयों के साथ आपसी सामंजस्य स्थापित करते हुए जनपद स्तर की कार्यशालाओं एवं विभिन्न पाठ सहभागी क्रियाकलापों संपादित कराए जाएं।
आयोजित बैठक से पूर्व जय अकैडमी के छात्र श्रेष्ठ भार्गव को वेद उच्चारण में विश्व कीर्तिमान स्थापित किए जाने के उपलक्ष्य में जिलाधिकारी द्वारा प्रमाण-पत्र एंव शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
बैठक का सफल संचालन एवं आभार व्यक्त जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती रती वर्मा ने किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा श्री विजय शर्मा सहित समिति के पदाधिकारी एवं विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
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जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित

