जनपद की 496 ग्राम पंचायतें जल्द होंगी बाल श्रम मुक्त :- जिलाधिकारी
** बाल श्रम एक सामाजिक कुरीति, इसे रोकना हम सभी का संकल्प:- जिलाधिकारी
** तृतीय चरण में होगा शहरी क्षेत्र पर फोकस, बनाएंगे बाल श्रम मुक्त
** बालू खदान/क्रेशर का करें औचक निरीक्षण, बाल श्रम पाए जाने पर करें सख्त कार्यवाही :- जिलाधिकारी
** 12 जून 2026 को ब्लाक पर बाल श्रम मुक्त चलेगा अभियान, शहरी क्षेत्र भी होंगे बाल श्रम मुक्त घोषित
आज जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में बालश्रम उन्मूलन संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक बुराई है इसे रोकना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने जनपद में 12 जून 2026 अन्तर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जनपद की 496 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि बालू खनन क्षेत्र एवं क्रेशर का औचक निरीक्षण किया करते हुए बालश्रम पाए जाने पर सख्त कार्यवाही करने निर्देश दिए।
जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने नगरीय क्षेत्र को बाल श्रम मुक्त बनाए जाने के लिए शहरी क्षेत्र पर फोकस करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने शहर के हाटस्पॉट सैंयरगेट बाहर एवं अंदर, मरकिज़ मस्जिद, मनिक चौक में मोबाइल मार्केट एवं बड़ा बाजार क्षेत्र में लगातार औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए और बाल श्रमिक पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करें ताकि बाल श्रम को सख्ती से रोका जा सके।
बैठक में उप श्रम आयुक्त श्रीमती किरण मिश्रा ने जनपद बाल श्रम मुक्त कराए जाने के संबंध में अब तक किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि 26 जनवरी 2026 को प्रथम चरण में औद्योगिक क्षेत्र बिजौली, झोकनबाग बाजार क्षेत्र, सदर बाजार (छावनी) क्षेत्र एवं सीपरी बाजार क्षेत्र को बालश्रम मुक्त घोषित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ के सहयोग से और व्यापारी संगठनों, गैर सरकारी संगठनों के साथ मण्डलीय कार्यशाला का आयोजन करते हुए बाल श्रम उन्मूलन हेतु सहयोग एवं जागरूक किया गया। समाचार पत्रों के माध्यम से बाल श्रम अपराध है एवं बाल श्रम निषेध है, जैसे स्लोगन जन जागरूकता हेतु लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित किए गए।
उन्होंने बताया कि मंडलायुक्त की अध्यक्षता में मण्डल को बाल श्रम मुक्त कराए जाने हेतु पुन: विभिन्न विभागों, व्यापारिक संगठनों, गैर सरकारी संगठनों के साथ बैठक करते हुए बाल श्रम उन्मूलन हेतु की जा रही कार्रवाई को और अधिक सकारात्मक व प्रभावशाली बनाया गया। व्यापारियों द्वारा जागरुकता गोष्ठी का आयोजन हुआ।इसके अतिरिक्त बाल श्रम मुक्त स्टीकर प्रदर्शित कर बालश्रम न कराए जाने की व्यापारियों ने शपथ ली। क्षेत्र में बाल श्रम उन्मूलन हेतु चलाए गए अभियान में विशेष समन्वय एवं सहयोग हेतु विभिन्न संगठनों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए।
उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में ब्लाक एवं ग्राम स्तर पर बाल श्रम मुक्त किए जाने हेतु मण्डलायुक्त के निर्देशों के क्रम में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति एवं ब्लाक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति का गठन किया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा सहायक विकास अधिकारी, ग्राम प्रधानों एवं ग्राम सचिवों के माध्यम से ग्राम स्तर पर ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की क्रियाशीलता एवं गठन को सुनिश्चित करते हुए लगातार बैठकें आयोजित हुई जिससे जनपद की 496 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित होने के लिए तैयार हैं।
उप श्रमायुक्त श्रीमती किरण मिश्रा ने बैठक में बताया कि तृतीय चरण में नगरीय क्षेत्र को भी बाल श्रम मुक्त किए जाने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही वार्ड में समितियों का गठन करते हुए बाल श्रम मुक्त बनाया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्री आयुष सैनी,डीपीओ श्री सुरेंद्र पटेल, श्री अतुल पांडेय असिस्टेंट कमिश्नर इंडस्ट्री0, श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्री अरुण कुमार तिवारी सहित अन्य अधिकारी व्यापारी संगठन एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित

