कृषि उत्पादन में वृद्धि कर जनपद के कृषकों की आय बढ़ाने हेतु किसान रथ रवाना
** कम उत्पादकता एवं पिछड़ी न्याय पंचायतों में पहुंचेगा किसान रथ, चौपाल में दी जाएगी किसानों को उन्नतशील कृषि की जानकारी
** किसान रथ के माध्यम से किसानों को शासन की योजनाओं की भी दी जाएगी जानकारी
** कृषकों को किसान रथ के माध्यम से जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, जीरो बजट खेती, यौगीक खेती की दी जाएगी विधिवत जानकारी
** किसानों को विषय वस्तु विशेषज्ञों द्वारा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन की भी दी जाएगी जानकारी
कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम योजनान्तर्गत वर्ष 2026-27 के अंतर्गत किसान सेवा रथ ( प्रचार वाहन ) को 13 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026 तक जनपद, झांसी एवं ललितपुर के सुदूर गांवों में भ्रमण के लिए मुख्य विकास का श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने हरी झण्डी दिखाकर विकास भवन से रवाना किया।
किसान रथ कृषि उत्पादन में वृद्धि कर कृषकों की आय बढ़ाने हेतु कृषि विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से विभाग द्वारा झांसी- ललितपुर जनपद के प्रत्येक विकासखंड की कम उत्पादकता एवं पिछड़ी न्याय पंचायतों के चुने हुए गांव में पहुंचकर चौपाल लगाते हुए किसानों को कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी देगा।
किसान रथ दोनों जिलों में लगभग 50 दिन सभी विकास खण्डों में भ्रमण करेगा,जिसमें मुख्य रुप से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने, घटते दलहनी क्षेत्र में वृद्धि करने, जैविक खेती को बढ़ावा देने, मृदा परीक्षण की संस्तुति के आधार पर कम से कम उर्वरकों का प्रयोग करते हुए उसे कम करने तथा पराली प्रबंधन को अपनाते हुए मशरूम उत्पादन को बढ़ाकर अतिरिक्त आय लेने के बारे में महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी देंगे, इसके अतिरिक्त प्रदेश और भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की भी जानकारी किसानों को दी जाएगी। किसान रथ को रवाना करते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने कहा कि चौपाल में विषय वस्तु विशेषज्ञ द्वारा किसान की हर जिज्ञासा को शांत किया जाए, किसानों द्वारा जो भी जानकारी मांगी जा रही है उसे उपलब्ध कराई जाए। यदि किसान तकनीकी जानकारी को खेत पर चाहता है तो उसे किसान के खेत तक अवश्य पहुंचाया जाए।
किसान रथ जनपद झांसी की न्याय पंचायत में आयोजित किसान चौपाल में किसानों को विषय वस्तु विशेषज्ञों द्वारा जैविक कृषि से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी अवश्य दें, उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल से की जाने वाली खेती को जैविक खेती कहा जाता है।जैविक खेती केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है वरन पशुपालन में भी यदि पशुओं को भोजन और दवाइयों इत्यादि प्राकृतिक रूप से उपलब्ध संसाधनों से प्रदान की जाए तो ऐसे पशुओं के उत्पाद भी जैविक पशु उत्पाद कहलाते हैं, ऐसे उत्पाद अधिक कीमत पर बेचे जा सकते हैं जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बीजा मृत तैयार करने की विधि,जीवामृत तैयार करने की विधि,अमृत पानी तैयार करने की विधि,पंचगव्य तैयार करने की विधि की जानकारी दी और उन्होंने कहा कि जैविक खेती का प्रमाणीकरण अवश्य कराना होगा ताकि किसान को उसके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।
किसान रथ रवाना करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि खेती बाड़ी में केवल अच्छा उत्पादन एवं उत्पादकता प्राप्त कर लेना किसान की आर्थिक समृद्धि की गारंटी नहीं है। किसानों को अपने उत्पाद का वाजिब मूल्य प्राप्त करने के लिए उत्पादन के बाद समुचित भंडारण,मूल्य संवर्धन के लिए सफाई, छनाई, श्रेणी करण, प्रसंस्करण के साथ विपणन व्यवस्था पर ध्यान देना होगा।इसलिए किसानों के संगठित होने की आवश्यकता है, छोटे छोटे किसान संगठित होकर एफपीओ का गठन करें उन्होंने एसपीओ से गठन होने वाले लाभ की जानकारी देते हुए बताया कि कृषक उत्पादक संघ का गठन होने के बाद किसानों को बीज,खाद,कीटनाशक जैसे कृषि निवेशकों के लिए लाइसेंस प्राप्त कर इनका व्यवसाय कर सकते हैं। संगठन को कंपनियों द्वारा होलसेल भी बनाया जा सकता है, इसके साथ ही साथ बीजोत्पादन, बीज विधायन, गोदाम निर्माण की योजनातंर्गत भी संगठन को ₹60 लाख तक का अनुदान मिलता है। इसके साथ ही एसपीओ के पास पंजीकरण प्रमाण पत्र उपलब्ध होने पर मंडी शुल्क में भी छूट का प्रावधान है आदि की भी जानकारी दी जाए।
चौपाल में किसानों की आय वृद्धि हेतु मशरूम उत्पादन,वर्मी कंपोस्ट का व्यवसायिक उत्पादन, कृषक सशक्तिकरण परियोजना के विषयांतर्गत भी ढेरों जानकारियां दी दिया जाना सुनिश्चित किया जाए।
इस कार्यक्रम के अवसर पर जिला कृषि अधिकारी श्री कुलदीप कुमार मिश्रा, श्री आशीष चौरसिया, वैयक्तिक सहायक श्री राजेन्द्र पटेरिया,श्री दीपक कुशवाहा विषय वस्तु विशेषज्ञ,श्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ, श्री शरद चन्द्र शर्मा, श्री अनिल कुमार,श्री लल्ला सिंह, श्री राजेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
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जिला सूचना कार्यालय झाँसी द्वारा प्रसारित

