• Tue. Jul 14th, 2026

BKT News24

Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें, BKT News24

स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलों में बनेगा ‘स्पेशल सेल’ मुख्य सचिव*

ByBKT News24

Jul 14, 2026

स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलों में बनेगा ‘स्पेशल सेल’ मुख्य सचिव*

*मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों व नगर आयुक्तों के साथ स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा की*

*प्रदेश के शत-प्रतिशत वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण हो सुनिश्चित*

प्रदेश के मुख्य सचिव श्री एस.पी.गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों एवं नगर आयुक्तों के साथ स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की समीक्षा की। बैठक में मिशन के विभिन्न घटकों की प्रगति, नगर निकायों (ULBs) में लंबित परियोजनाओं, भूमि संबंधी समस्याओं, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों तथा जिला स्तर पर आवश्यक सहयोग की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों एवं नगर निकायों को निर्देश दिए कि स्वच्छ भारत मिशन के सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा प्रत्येक स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी 13,924 वार्डों में 100 प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण (Door-to-Door Collection) सुनिश्चित किया जाए। धार्मिक, पर्यटन एवं विरासत स्थलों पर पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराते हुए प्रतिदिन दो बार सफाई व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1533 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए भूमि संबंधी समस्याएं लंबित हैं, उनका शीघ्र समाधान कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) समय पर तैयार कर स्वीकृति हेतु निदेशालय को भेजा जाए। राज्य स्तर से स्वीकृत परियोजनाओं के टेंडर एवं क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो तथा इसकी नियमित निगरानी की जाए।
बैठक में प्रत्येक डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन पर चार अलग-अलग डस्टबिन उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक घर, वार्ड एवं नगर निकाय स्तर पर चार-स्तरीय कचरा पृथक्करण (गीला, सूखा, सैनिटरी एवं विशेष देखभाल अपशिष्ट) के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि पृथक किए गए कचरे को संबंधित प्रसंस्करण इकाइयों तक ही भेजा जाए।
मुख्य सचिव ने सभी संचालित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं के सुचारु संचालन पर विशेष बल देते हुए कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं की निगरानी के लिए स्पेशल सेल प्रभावी रूप से कार्य करे तथा क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में सभी कचरा प्रसंस्करण संयंत्रों पर सीसीटीवी कैमरे, निर्बाध विद्युत एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि रियल टाइम मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से की जा सके।
मुख्य सचिव ने रीड्यूस-रीयूज-रीसायकल (RRR) केंद्रों को बढ़ावा देने, अधिकृत रीसाइक्लर्स के साथ समझौते (MoU) करने तथा सर्कुलर इकोनॉमी को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही उपचारित जल (Treated Water) के सुरक्षित उपयोग की नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए उद्योगों एवं सिंचाई में एसटीपी (STP) के पुनर्चक्रित जल के उपयोग को बढ़ावा देने को कहा।
बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी जिलों में कोई भी गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट (GVP) न रहे तथा सभी टैप्ड एवं अनटैप्ड नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। नगर निकायों में पर्याप्त सफाईकर्मी एवं संसाधन उपलब्ध हों तथा यूजर चार्ज एवं नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई प्रभावी ढंग से लागू की जाए। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अनुरूप नगर निकायों के उपविधियों (Municipal Bye-laws) को शीघ्र अधिसूचित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कम्पोस्टिंग प्लांट, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF), वेस्ट-टू-एनर्जी (W2E) प्लांट, नगर ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों तथा लीगेसी वेस्ट रेमेडिएशन कार्यों की नियमित समीक्षा करने, खुले में कचरा फेंकने एवं जलाने की घटनाओं को पूर्णतः रोकने तथा पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डंपिंग स्थलों का वर्चुअल एवं भौतिक निरीक्षण कर प्रत्येक पखवाड़े राज्य स्तर पर रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनपद स्तर पर एक ‘स्पेशल सेल’ का गठन करें, जो स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगा। आवश्यकता पड़ने पर यह सेल नियमों का उल्लंघन करने वाले बड़े ठोस अपशिष्ट उत्पादकों के विरुद्ध जल एवं विद्युत आपूर्ति बंद करने जैसी आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को निर्देश भी जारी करेगा।
बैठक में जिलाधिकारियों की भूमिका को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल देते हुए कहा गया कि प्रत्येक नगर निकाय का नियमित निरीक्षण, समस्याओं का समयबद्ध समाधान, वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग, जीपीएस एवं सीसीटीवी आधारित निगरानी, अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों को समय पर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराना, आरडीएफ एवं लीगेसी वेस्ट के निस्तारण में सहयोग, अधिकृत रीसाइक्लर्स के साथ समन्वय, नगर निकायों को निविदा एवं खरीद प्रक्रिया में मार्गदर्शन तथा अपशिष्ट प्रबंधन के लिए भूमि उपलब्ध कराने जैसे कार्य प्राथमिकता से सुनिश्चित किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। सभी विभाग उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ एवं सतत विकास की दिशा में अग्रणी राज्य बनाने के लिए आपसी समन्वय एवं प्रतिबद्धता से कार्य करें।
बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास श्री पी0गुरूप्रसाद, सचिव नगर विकास श्री अनुज कुमार झा सहित जनपद झांसी से जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी, अपरजिलाधिकारी विद्या एवं राजस्व श्रीमती पल्लवी मिश्रा एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।
————————————
जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित