• Sun. Nov 30th, 2025

BKT News24

Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें, BKT News24

असमय बारिश से बांदा, बुंदेलखंड में 80% धान की फसल चौपट, जेडीयू नेत्री शालिनी पटेल ने मुख्यमंत्री से मांगा राहत पैकेज

ByBKT News24

Nov 2, 2025


असमय बारिश से बांदा, बुंदेलखंड में 80% धान की फसल चौपट, जेडीयू नेत्री शालिनी पटेल ने मुख्यमंत्री से मांगा राहत पैकेज

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा, बुंदेलखंड क्षेत्र में इस बार की असमय और लगातार हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर कहर ढा दिया है। खेतों में पकने को तैयार धान की फसलें जलमग्न होकर सड़ चुकी हैं और कई जगहों पर बालियों में अंकुर फूट आए हैं। ग्रामीण इलाकों से मिली रिपोर्टों के अनुसार लगभग 80 फीसदी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को डाक के माध्यम से पत्र भेजकर किसानों के लिए तात्कालिक राहत और मुआवज़े की मांग की है। अपने पत्र में शालिनी सिंह पटेल ने लिखा है कि “यह केवल फसलों का नुकसान नहीं, बल्कि किसानों के जीवन और भविष्य का प्रश्न है। जिस किसान की मेहनत पर प्रदेश की अन्न-व्यवस्था टिकी है, आज वही किसान असहाय खड़ा है।” उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र, जो पहले से ही सूखा, पलायन और आर्थिक पिछड़ेपन की मार झेल रहा है, वहाँ यह आपदा किसानों के जीवन में विनाश बनकर आई है। खेतों में पानी भर जाने से न सिर्फ धान बल्कि मसूर, चना और आलू जैसी आगामी फसलों की तैयारी भी रुक गई है। हजारों किसान अब बीज और खाद खरीदने की स्थिति में नहीं हैं। कई किसानों के घरों में अन्न का संकट गहराने लगा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमराने लगी है। शालिनी सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री से चार प्रमुख मांगें की हैं—राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें तुरंत सर्वे करें, प्रभावित किसानों को राहत राशि और मुआवज़ा दिया जाए, अगली फसल के लिए ब्याजमुक्त ऋण, बीज और खाद की सहायता दी जाए तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जमीनी समीक्षा कर उसका लाभ किसानों तक पहुंचाया जाए। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि उन्होंने स्वयं कई गांवों का दौरा कर खेतों की स्थिति देखी है। उन्होंने बताया, “मैंने खेतों में जाकर देखा कि धान की 80 प्रतिशत फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है। पकी हुई फसलें पानी में डूबकर अंकुरित हो गई हैं। किसानों के चेहरों पर निराशा और असहायता साफ झलक रही है।” उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड का किसान हर बार विपरीत परिस्थितियों में भी उम्मीद का बीज बोता है, लेकिन इस बार मौसम ने उसकी सारी मेहनत तबाह कर दी। गांवों में अब यह सवाल गूंज रहा है कि आने वाले महीनों में परिवार का गुजारा कैसे होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस स्थिति को कृषि आपदा घोषित करते हुए बुंदेलखंड सहित सभी प्रभावित जिलों के किसानों के लिए तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की जाए। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की आत्मा हैं—उनकी पीड़ा ही प्रदेश की पीड़ा है। सरकार को इस त्रासदी को केवल प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि किसानों के अस्तित्व से जुड़ा संकट मानते हुए तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।


error: Content is protected !!