आठ देशों के राजदूतों सहित संत, महापुरुष देंगे बेटियों को आशीर्वाद
बागेश्वर महाराज ने मीडिया को बताई आयोजन की विस्तृत रूपरेखा
छतरपुर। बागेश्वर धाम में शुरू हो चुके 10 दिवसीय कन्या विवाह महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिल चुकी है। बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र शास्त्री ने बुधवार को मीडिया संवाद के माध्यम से हल्दी से पाणिग्रहण संस्कार तक की जानकारी से अवगत कराया। महाराज जी ने बताया कि अमेरिका सहित आठ देशों के राजदूत बेटियों को आशीर्वाद देने बागेश्वर धाम आ रहे हैं। इसके अलावा देशभर के महापुरुष, प्रख्यात संत एवं राजपीठ के लोग भी बेटियों को सुखमय जीवन का आशीर्वाद देंगे। उन्होंने बताया कि 10 दिवसीय सप्तम कन्या विवाह महोत्सव में 3 दिन का विशेष उत्सव आयोजित हो रहा है। 13 से 15 फरवरी तक का समय विशेष उत्सव का है। 13 फरवरी को हल्दी की रस्म होगी। 14 फरवरी को मेहंदी की रस्म और 15 फरवरी को विवाह होगा। दूर की बेटियों को एक दिन पहले बुलवाया गया है।
बेटियों को यह मिलेगा उपहार
बेटियों को उपहार के रूप में श्री बालमुकुंद भगवान का विग्रह, बालाजी सरकार का विग्रह, श्री रामचरितमानस, वस्त्र, श्री बागेश्वर धाम कैलेंडर, गाय बछड़ा दिए जाएंगे इसके अलावा अन्य सामग्री में मंगलसूत्र, पायल, बिछिया, नाक की कील, कान की बाली टॉप्स, 7 साड़ियों का सेट, चांदी का सिक्का, श्रीफल चांदी कवर सहित, श्रृंगार दानी, चूड़ी सेट, डबल बेड, सोफा, ड्रेसिंग टेबल, अलमारी, गद्दे तकिया कवर सहित, बेडशीट, कंबल, ट्रॉली बैग, कलर एलइडी टीवी, सिलाई मशीन, सीलिंग फैन, वॉटर हिटर, इलेक्ट्रिक प्रेस, दीवाल घड़ी, गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, बर्तन सेट, प्रेशर कुकर, कलश स्टील, टिपारा, सूपा, खिचड़ी, बेला कांसा, मिक्सर ग्राइंडर, पानी का थर्मस, स्टील जग, लेडीज पर्स, रोल गोल्ड अंगूठी, अल्युमिनियम का मग्गा शामिल है। इस बार 30 हजार की एफडी की जा रही है जो वर और वधू के संयुक्त नाम से होगी।
वर वधु पक्ष के स्वागत के साथ शुरू होगा विवाह महोत्सव
15 फरवरी को वर पक्ष एवं वधु पक्ष का स्वागत होगा। सभी को स्वल्पाहार मिलेगा। इसके बाद दूल्हे को घोड़ी पर बैठाकर उनकी बारात निकाली जाएगी। सभी दूल्हे आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे। इसके बाद 50-50 जोड़ों के वरमाला होंगे। वरमाला के बाद वर वधु को मंडप में पहुंचाया जाएगा। हर मंडप का एक प्रभारी रहेगा। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विद्वान ब्राह्मण विवाह की अन्य रस्में संपन्न कराएंगे। पाणिग्रहण संस्कार के बाद बेटियों की विदा होगी। वर वधू पक्ष को समूचे कार्यक्रम में हिस्सा लेने में कोई कठिनाई न आए इसलिए सभी को कार्ड और वाहन पास उपलब्ध कराए गए हैं।
नेपाल के अलावा 10 राज्यों की 302 बेटियों का हुआ चयन
सप्तम कन्या विवाह महोत्सव में कुल 1648 फॉर्म आए थे जिनकी जांच करने पर 1233 फॉर्म सही पाए गए थे। जिन कन्याओं के विवाह होने हैं उनमें 60 बेटियां अनाथ है, आठ बेटियां दिव्यांग हैं। 138 बेटियां पितृ हीन, 28 बेटियां मातृहीन, 23 बेटियां वे हैं जिनके माता-पिता दिव्यांग हैं।और 43 बेटियां अति गरीब परिवार से है। कुल 302 बेटियों में से 77 बेटियां अनुसूचित जाति, 28 अनुसूचित जनजाति,173 अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 24 बेटियां सामान्य वर्ग से हैं। मध्य प्रदेश से 229, उत्तर प्रदेश से 56, दिल्ली, महाराष्ट्र से दो, नेपाल से एक के अलावा छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल हरियाणा से बेटियों का चयन हुआ है।
