समथर (झांसी)इस वर्ष रमजान उल मुबारक के महीने में दो अलविदा जुमा पड़ने की संभावना है। जानकारों के अनुसार इस बार रमजान के कैलेंडर की स्थिति ऐसी बन रही है कि यदि माह 29 रोजों का होता है तो अलविदा जुमा आज यानी 13 मार्च अदा किया गया हालांकि अंतिम निर्णय ईद का चांद नजर आने पर ही स्पष्ट होगा। इस्लामी जानकारों ने कहा कि रमजान का महीना 29 या 30 दिनों का होता है और इसका निर्धारण चांद दिखने के आधार पर किया जाता है। इसी कारण कभी-कभी कैलेंडर की स्थिति ऐसी बन जाती है कि रमजान के अंतिम दिनों में दो शुक्रवार पड़ जाते हैं। इस बार भी ऐसी ही संभावना जताई जा रही है। जिससे दो अलविदा जुमा अदा होने की चर्चा हो रही है। धार्मिक विद्वानों के अनुसार यदि 29 रमजान की शाम को ईद का चांद नजर आ जाता है तो अगले दिन ईद उल फितर मनाई जाएगी। वहीं उस स्थिति में रमजान के महीने में केवल एक ही अलविदा जुमा 13 मार्च को अदा किया गया। लेकिन यदि 29 रमजान को चांद नजर नहीं आता है। वहीं रमजान का महीना 30 दिनों का पूरा होता है तो उस स्थिति में दूसरा अलविदा जुमा की नमाज 20 मार्च को अदा की जाएगी। अलविदा जुमा रमजान के अंतिम जुमे को कहा जाता है। जिसका मुस्लिम समाज में विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन मस्जिदों में नमाजियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक होती है। लोग बड़ी संख्या में मस्जिदों में पहुंचकर नमाज अदा करते हैं। वहीं अल्लाह से दुआएं मांगते हैं। की अल्लाह ताला हम सब के गुनाह है कबीरा को माफ फरमाए , वही खान बहादुर मस्जिद में हाफिज कारी रिजवान चिश्ती द्वारा एवं जामा मस्जिद में मौलाना इकबाल द्वारा आज अलविदा जुमे की नमाज को अदा कराया गया जिसमें दोनों मस्जिद के इमामो ने देश के लिए अमन चैन की दुआ मांगी जिससे कि मुल्क के हिंदुस्तान में भाईचारा कायम रहे जिसमें आज मस्जिद में सभी मुस्लिम सामुदायिक के लोगों ने मस्जिद में आकर अलविदा जुमे की नमाज को अदा किया
