जनपद में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं: मण्डलायुक्त*
*झाँसी को पर्यटन मानचित्र पर लाने एवं अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु कार्ययोजना बनाएं*
*बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के पर्यटन संकाय, बुन्देलखंड ट्रेवल टूर एसोसिएशन, होटल इंडस्ट्री के साथ रूप रेखा बनाए जाने के दिए निर्देश*
*जिलाधिकारी द्वारा कार्यदायी संस्थाओं को तेजी के साथ कार्य पूर्ण कराने के निर्देश*
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आज मण्डलायुक्त श्री बिमल कुमार दुबे की अध्यक्षता में जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक आयुक्त सभागार में आयोजित की गई। उन्होने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होटल मालिकों द्वारा पर्यटकों को जानकारी देने, ओरछा स्थित होटल/रिसोट में झांसी के पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के निदेश दिये।
झाँसी को पर्यटन मानचित्र पर लाने एवं अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु कार्य-योजना बनाये जाने पर विशेष बल दिया तथा बैठक में जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी की गरिमामयी उपस्थिति में शासन द्वारा नामित सदस्य श्री जमुना प्रसाद कुशवाहा, श्री संतोष सोनी एवं पर्यटन एवं संस्कृति के क्षेत्र में कार्य कर रहे विशिष्ट सदस्यगणों द्वारा झाँसी में पर्यटन को बढ़ावा देने के सुझाव दिये गये।
मण्डलायुक्त ने फोर्ट सर्किट, टैम्पल सर्किट, हेरिटेज टूरिज्म, रेलवे से समन्वय स्थापित कर वन्देभारत, गतिमान, शताब्दी एक्सप्रेस सहित प्रमुख ट्रेेेेेनों में झांसी के पर्यटन स्थलों का स्क्रीन/डिस्प्ले बोर्ड, झांसी रेलवे स्टेशन पर वृहद प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये। उन्होंने बेेेतवा रिवरफ्र्रंट, गढकुडार का किला सहित अन्य प्रमुख स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विजिट कराने के निर्देश दिये।
लक्ष्मी मन्दिर, गढ़मऊ झील पर पर्यटन हेतु एक्टिविटी, ग्र्र्र्रामीण होमस्टे नीति के अन्तर्गत सक्रिय ग्राम प्रधानों को एम0पी0 के लाडपुरा गांव का भ्रमण कराने के निर्देश दिये। पर्यटन गाइडों का प्रशिक्षण पूर्ण होेेेेने पर पर्यटन स्थलों पर तैनात किये जाने के निर्देश दिये। उन्होने युवा पर्यटन क्लबों तथा स्कूलों/विद्यालयों में पर्यटन क्लबों की स्थापना किये जाने के निर्देश दिये। उन्होने स्कूली बच्चों को प्रमुख स्थलों की हेरिटेज वाॅक कराने के साथ ही गांव-गांव की गौरव की गाथा नामक पुस्तक विद्यालयों में उपलब्ध कराने हेतु बीएसए को निर्देश दिये।
मण्डलायुक्त ने कहा कि बुन्देलखण्ड पर्यटन संभावनाओं की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण गंतव्य स्थल है। सरकार द्वारा पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु यहाँ पर्यटन अवस्थापना सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं। झाँसी में ऐसे अनेक स्थल हैं, जहाँ उचित सुविधाएँ विकसित कर पर्यटकों की संख्या बढ़ाई जा सकती है, जिससे इस क्षेत्र को आर्थिक लाभ होगा, साथ ही लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे तथा उनके जीवन स्तर में सुधार आयेगा।
मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि झाँसी में मौजूद पर्यटन संभावनाओं यथा- ईको टूरिज्म, एडवेन्चर टूरिज्म, बुन्देली व्यंजन से संबंधित एवं अन्य ऐसे क्षेत्र चिन्हित किये जाएँ, जिनमें पर्यटकों हेतु सुविधाएँ विकसित की जा सकें। तत्पश्चात इन क्षेत्रों से जुड़े देश एवं विदेश के विशेषज्ञों को यहाँ बुलाकर एक कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाए। इसके लिए बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के पर्यटन संकाय, बुन्देलखण्ड ट्रैवल टूर एसोसिएशन, होटल इंडस्ट्री के साथ मिलकर कॉन्क्लेव एवं फेम टूर की रूपरेखा बनायी जाए।
मण्डलायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं परन्तु सरकार के साथ-साथ निजी निवेशकों, पर्यटन उद्योग से जुड़ी संस्थाओं को पर्यटकों हेतु अच्छी आवासीय सुविधा एवं अन्य गतिविधियों हेतु अच्छे होटल, रेस्टोरेंट, कन्वेंशन सेंटर्स इत्यादि विकसित करने चाहिए। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि यहाँ के पारंपरिक बुंदेली व्यंजन एवं लोक कला, संस्कृति को पर्यटकों तक पहुँचाने हेतु उन्हें आगे आना चाहिए, जिससे झाँसी के पर्यटन स्थलों के साथ-साथ यहाँ की लोक कला एवं संस्कृति का संवर्धन एवं संरक्षण किया जा सके।
जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने पर्यटन को प्रमोट करने के सम्बन्ध में पर्यटन गाइडों के साथ बैठक करने, पर्यटन स्थलोें पर पर्यटकों हेतु आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराने होमस्टे नीति के अन्तर्गत डीपीआर बनाये जाने का सुझाव दिया। उन्होंने जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक में पर्यटन की सम्भावनाओं पर विचार-विमर्श करते हुये विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार कराने, निर्माणाधीन पर्यटन योजनाओं की समीक्षा, क्यूआर कोड साइनएज हेतु पर्यटन स्थलों का विवरण तैयार किये जाने, प्रमुख पर्यटन स्थलों की फोटोग्राफी/रील तैयार कराये जाने के निर्देश दिये।
बैठक में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डी0के0 शर्मा द्वारा समिति के समक्ष पर्यटन विभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यों के बारे में बताया गया, साथ ही इस वर्ष की कार्य-योजना, सहभागिता योजना, ईको-टूरिज्म से संबंधित प्रस्तावों के बारे में चर्चा की गई।
इस बैठक में झांसी के जाने-माने साहित्यकार श्री मुकुल मेहरोत्रा, संजय पटवारी, मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, जेडीए सचिव गौरव शुक्ला, सहायक नगर आयुक्त रोली गुप्ता, उप निदेशक राजकीय संग्रहालय मनोज गौतम, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी राजीव त्रिवेदी, डॉ देवेश निगम विभागाध्यक्ष पर्यटनसंकाय,डॉ कौशल त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष, पत्रकारिता संकाय , डॉ शादी लाल, वास्तु एवं नियोजन संकाय, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, परियोजना निदेशक डीआरडीए राजेश कुमार, डीपीआरओ बालगोविन्द श्रीवास्तव, बीएसए जितेन्द्र गौड, अनिरूद्ध रावत, प्रमुख होटल स्वामी, व्यवसायी, पर्यटन संस्थाओं के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे ।
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सूचना विभाग झांसी द्वारा प्रसारित

