रघुवर के देश को घुसपैठियों की धर्मशाला न बनने दे
बागेश्वर महाराज ने घुसपैठियों की मदद करने वालों को दी चेतावनी
नौवे दिन की पदयात्रा बृजवासियों को समर्पित
मथुरा। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा अब विराम की ओर है। नव रात्रि और 10 दिन तक चलने वाली पदयात्रा का की अंतिम रात्रि का विश्राम मथुरा के पास स्थित ग्राम जैत के राधा गोविंद मंदिर में हुआ। बागेश्वर महाराज ने पदयात्रा में शामिल एवं दर्शन के लिए खड़े हजारों लोगों से कहा कि यह देश बाबर का नहीं रघुवर का है। इस देश को घुसपैठियों की धर्मशाला न बनने दे। देश की संपत्ति पर यहां के रहवासियों का ही हक है। जो लोग घुसपैठियों को शरण देते हैं उन लोगों को भी कान खोल कर सुन लेना चाहिए कि देश से गद्दारी न करें। जैत में भाटिया जी के मैदान में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
बागेश्वर महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि बटवारा धर्म के आधार पर हुआ था। जिन लोगों ने पाकिस्तान की मांग की थी उनमें से आधे लोग यहीं रह गए। देश में रहने वाले लोगों को वंदे मातरम, भारत माता की जय बोलना ही पड़ेगा। उन्होंने मुस्लिम समाज को नसीहत देते हुए कहा कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा दें ताकि वे डॉ. अब्दुल कलाम जैसे वैज्ञानिक बन सके। उन्हें मजहबी तालीम देकर आतंकवादी और जिहादी न बनाएं। इस मौके पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी जी महाराज, गौलोक पीठाधीश महाराज, देवकीनंदन ठाकुर, राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया सहित लाखों लोग उपस्थित रहे।
यह यात्रा सबके भीतर सनातन जगा रही: गीता मनीषी महाराज
श्री धाम वृंदावन के जाने-माने संत गीता मनीषी महाराज ने कहा कि यह यात्रा अत्यंत विलक्षण है। ब्रज की सीमा में तो पहले ही प्रवेश कर चुकी है अब वृंदावन में प्रवेश कर रही है। बांके बिहारी सरकार और बागेश्वर सरकार के मिलन की घड़ी आ गई है। महाराज श्री ने कहा कि जो लोग किसी न किसी माध्यम से यात्रा से जुड़ रहे हैं उनके भीतर का भी सनातन जाग रहा है।
अब धक्का देने का नहीं हाथ पकड़ने का समय आ गया: चिदानंद मुनि महाराज
ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन से आए स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने कहा कि बहुत हो चुका अब एक दूसरे को धक्का देने का समय नहीं है बल्कि एक दूसरे का साथ देने के लिए हाथ पकड़ने का समय है। सनातन यात्रा का मतलब सभी समाजों की यात्रा। एक युवा संत ने पहली बार भारत भर के युवा संतों का दर्शन कराया, आज इसकी आवश्यकता भी है। युवा चिंतक अलग अलग दिशा में काम कर रहे थे लेकिन अब सभी एक दिशा में कार्य करेंगे ऐसा भरोसा है। उन्होंने कहा कि सनातन कहता है अपने पंथ को मानो लेकिन सबको एक मानो, यही सनातन विचारधारा है।
आज सनातन की शक्ति देखी: पुंडरीक महाराज
प्रसिद्ध कथावाचक पुंडरीक महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि नाम में ही सारा रहस्य छुपा है। आज से पहले सनातन धर्म की भक्ति देखी थी, मुक्ति, त्याग, सद्भाव, धीरता देखी थी लेकिन आज सनातन की शक्ति देखने को मिली है। पहले सनातन को उंगलियों में देखा जाता था लेकिन आज मैंने सनातन को मुट्ठी में देखा है। सनातन धर्म की अवस्था के लिए सभी एकत्रित हुए हैं। इस विशाल जन सैलाब को देखकर सबके मन में धर्म के प्रति ज्वार उठा है।
18 अध्याय सुनने के बाद अर्जुन ने उठाया था शस्त्र: जया किशोरी
कथा वाचिका जया किशोरी जी ने एकता पदयात्रा में अपनी उपस्थिति देते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को 18 अध्याय प्रवचन के रूप में मार्गदर्शन और निर्देशन के रूप में सुने थे तब कहीं जाकर अर्जुन ने धर्म विरोधियों का वध करने के लिए शस्त्र उठाया था। बागेश्वर महाराज सबको धर्म विरोधियों के खिलाफ एकजुट होने की सीख दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में शामिल होने वाले सभी पदयात्री वचन दें कि यहां से जाने के बाद वे अपने आप में एक बदलाव लाएंगे, यदि कोई उनके बारे में पूछेगा तो वह स्वयं को एक सनातनी कहे, यात्रा का मूल मंत्र भी यही है। उन्होंने एक मधुर गीत गाकर सबको भाव में भर किया।
संत सिखाते हैं जीवन की अदाकारी: राजपाल यादव
जाने माने फिल्म कलाकार राजपाल यादव ने सनातन एकता पदयात्रा में अपनी हाजिरी लगाते हुए कहा कि हमने बचपन से सीखा है कि सारा संसार एक परिवार है। छुआछूत से दूर होकर एक नए समाज का निर्माण करने की जिम्मेदारी हम सब की है। हम कला के उपासक हैं। हमारे देवी देवताओं ने पशुओं को अपना वाहन बनाया इससे यह संदेश मिलता है कि संसार के सभी जीव समान है। उन्होंने कहा कि संत ही सच्चे जीवन की अदाकारी सिखाते हैं। जिसने सनातन को पहचान लिया उसने दुनिया को पहचान लिया। हमने सबको माना है, इसीलिए सनातन पुराना है।
महाराज धर्म युद्ध के लिए सड़क पर उतरे हैं: शिल्पा शेट्टी
जानी-मानी अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने भी सनातन यात्रा में अपनी उपस्थिति दी। अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि महाराज से सेवा और समर्पण का भाव सीखा जा सकता है,क्योंकि वह इन्हीं भावों के साथ कार्य कर रहे हैं। महाराज अब तक प्रवचन देते थे लेकिन अब वे धर्म युद्ध के लिए सड़क पर उतरे हैं। महाराज श्री पर हनुमान जी की कृपा है। जिन पर हनुमान जी की कृपा होती है वह जीत कर ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब महाराज श्री के संकल्प का कैंसर हॉस्पिटल बनकर तैयार हो जाएगा तो सबसे पहले वह वहां पहुंचेंगी। उन्होंने कहा कि वह एक क्षत्रिय है, हिंदू है, सनातनी हैं, वह इसे आगे बढ़ाएंगी । एकता की राह पर ऊंच नीच का भाव बड़ी बाधा है इसे हटाना होगा। हमारे द्वारा लोगों तक सनातन की बात पहुंचे तो हम अपने आप को अत्यंत सौभाग्यशाली मानेंगे।
सनातन में समाहित है ज्ञान-विज्ञान: एकता कपूर
जानी मानी निर्माता निर्देशक एकता कपूर ने सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में शामिल होकर कहा कि अब धर्म को कर्म से जोड़ने का समय आ गया है। करोड़ों जन्मों के बाद इंसान का जन्म मिलता है और करोड़ों करोड़ों जन्म के बाद हिंदू धर्म में जन्म लेने का सौभाग्य प्राप्त होता है। हम सौभाग्यशाली है कि हम इस धर्म में पैदा हुए। यह धर्म मेलजोल, प्यार सिखाता है। इस धर्म में अपनापन है। एकता कपूर ने कहा कि मैं सनातनी हूं, सनातन में ही ज्ञान विज्ञान समाहित है। उन्होंने कहा कि गुरु से बड़ा इस दुनिया में कुछ भी नहीं। गुरु ही समाज को सदमार्ग दिखाता है। महाराज श्री का यह कार्य अतुलनीय और अविस्मरणीय है।
