बुंदेलखंड महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा बिरसा मुंडा जयंती अवसर पर जनजातीय समाज के गौरव बिरसा मुंडा का भारत की स्वतंत्रता में योगदान विषयक व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसके मुख्य अतिथि गोपाल सहरिया रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर एसके राय ने किया तथा संचालन डॉक्टर धर्मेंद्र पांडे एवं आभार डॉक्टर रामदरश सिंह यादव ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जितेंद्र तिवारी ने बिरसा मुंडा के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को रेखांकित किया तथा जनजातीय समाज की धरोहर जल जंगल और जमीन को सांस्कृतिक विरासत के रूप में मानते हुए सरकार की विकास योजनाओं में जनजातीय समाज के संस्कृतिक संरक्षण को प्राथमिकता देने पर बल दिया। समाजशास्त्र के आचार्य डॉ सुरेंद्र नारायण ने जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान के रूप में बताते हुए विकास योजनाओं में जनजाति समाज की सहभागिता कराने पर बल दिया। प्राचार्य प्रोफेसर एसके राय ने जनजातीय समाजों के संवैधानिक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए उन्हें विधिक साक्षर बनाए जाने पर बल दिया। अंत में जनजातीय समाज द्वारा अपने उत्थान के विविध कारक सुझाए तथा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।
