पाइल्स की समस्या को लेकर झिझक न करें,समय से इलाज मिलने पर बीमारी होगी नियंत्रित :- प्रोफेसर डॉ0 नीरज कुमार बनोरिया
** महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में पाइल्स डे के अवसर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
** पाइल्स के लक्षणों को नजरअंदाज न करें,प्रारंभिक अवस्था में ही विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर साक्ष्य आधारित उपचार अपनाए:- (प्रो0)डॉ0 मयंक सिंह
** पाइल्स का समय पर निदान और सही उपचार रोगी के जीवन को बहुत हद तक सुधार सकता है
** पाइल्स का मुख्य कारण अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान:- डॉ0 सुधाकर पांडेय
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग विभागाध्यक्ष डॉ0(प्रो0)नीरज कुमार बनोरिया की अध्यक्षता में गुरुवार को पाइल्स डे के अवसर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बवासीर (पाइल्स) के प्रति वैज्ञानिक जानकारी, नवीनतम उपचार विकल्पों और रोग-निरोधक उपायों को जनसाधारण तक पहुँचाना है।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में आयोजित कार्यक्रम में डॉ0 प्रो0 मयंक कुमार सिंह ( प्रधानाचार्य) मुख्य अतिथि , डॉ0 सुधाकर पांडेय (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहें |
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 सुधाकर पांडेय अपने संबोधन में कहा कि गुदा द्वार की बीमारिया आज एक आम समस्या बनती जा रही है, और इसका मुख्य कारण अनियमित दिनचर्या और गलत खान-पान है। उन्होंने बताया कि कम पानी पीना, कब्ज की समस्या और भोजन में फाइबर की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।
डॉ0 पांडेय ने कहा कि यदि लोग शुरुआती लक्षणों पर ही डॉक्टर से सलाह ले लें, तो बीमारी बिगड़ने से रोकी जा सकती है और बड़े ऑपरेशन की जरूरत भी नहीं पड़गी। उन्होंने आम जनमानस से आग्रह किया कि इस समस्या को लेकर झिझक महसूस न करें, क्योंकि समय पर इलाज मिलने से यह बीमारी आसानी से नियंत्रित की जा सकती है।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ0प्रो0 मयंक कुमार सिंह ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि पाइल्स का समय पर निदान और सही उपचार रोगी के जीवन की गुणवत्ता को बहुत हद तक सुधार सकता है।
पाइल्स डे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो0 डॉ0 नीरज कुमार बनोरिया ने नवीनतम सर्जिकल तकनीकों के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने आम जनमानस से अपील करते हुए कहा कि पाइल्स के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और प्रारंभिक अवस्था में ही विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर साक्ष्य-आधारित उपचार अपनाएँ।
आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक सर्जन डॉ0 सुधीर कुमार ने पोस्ट-ऑपरेटिव प्रोटोकॉल पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में सर्जरी विभाग के रेज़िडेंट डॉक्टरों ने व्यापक तकनीकी डेमो और जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में मरीज और उनके तीमारदार भी उपस्थित रहे|
प्लास्टिक सर्जन डॉ0 सुधीर कुमार ने पोस्ट-ऑपरेटिव प्रोटोकॉल पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर डॉ0 अल्बेल सिंह यादव, डॉ0 पंकज सोनकिया, डॉ0 आर.के. वर्मा, डॉ0 जितेन्द्र कुमार (Dept of Ophthalmology) तथा डॉ0 ओ.एस. चौरसिया (Dept. of Pediatrics) भी उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में योगदान दिया।
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जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित
